Heavy snowfall in Kedarnath Dham, winter travel in Omkareshwar increased
KEDARNATH DHAM SNOWFALL : उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है। केदारनाथ धाम, मदमहेश्वर, तुंगनाथ और चोपता सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बीते दो दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। इस ताजा हिमपात ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया है, जिससे यहां का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लग रहा।
मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से प्रसिद्ध चोपता में भी जमकर बर्फबारी हो रही है, जिसका आनंद लेने के लिए देश-विदेश से पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस दौरान श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में भी दर्शन करने पहुंच रहे हैं, जिससे शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
केदारनाथ धाम में जबरदस्त बर्फबारी, बढ़ी ठंड
केदारनाथ धाम में बीते दो दिनों से तेज बर्फबारी हो रही है, जिससे पूरे मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में बर्फ की मोटी परत जम चुकी है। यहां अब तक तीन से चार इंच तक बर्फ जमा हो चुकी है, जिससे तापमान शून्य से नीचे चला गया है। ठंड के कारण सुरक्षा में तैनात पुलिस और आईटीबीपी के जवानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक यहां और अधिक बर्फबारी होने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण यात्रा मार्गों पर भी बर्फ जमने लगी है, जिससे आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
मदमहेश्वर और तुंगनाथ में भी जमकर बर्फबारी
केदारनाथ धाम की तरह द्वितीय केदार मदमहेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ में भी बर्फबारी जारी है। तुंगनाथ धाम, जो कि दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर है, बर्फ से पूरी तरह ढक चुका है। यह मंदिर चोपता से मात्र तीन किमी की दूरी पर स्थित है, और सर्दियों के दौरान बंद रहता है। इसके बावजूद, भक्त चोपता की खूबसूरत बर्फीली वादियों का आनंद लेने के साथ ही मंदिर परिसर के बाहर से बाबा तुंगनाथ के दर्शन कर रहे हैं।
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मदमहेश्वर धाम में भी बर्फबारी के चलते कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हालांकि, भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ है और वे ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में शीतकालीन दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

पर्यटकों के लिए मिनी स्विट्जरलैंड बना चोपता
चोपता में भारी बर्फबारी होने के कारण यह इलाका पूरी तरह से मिनी स्विट्जरलैंड में बदल गया है। यहां पहुंच रहे पर्यटक स्कीइंग, ट्रेकिंग और स्नो वॉक का आनंद ले रहे हैं। स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों के अनुसार, इस मौसम में बर्फबारी होने से पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिल रहा है।
उत्तराखंड के पर्यटन विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित यात्रा करें और मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही पर्वतीय इलाकों की ओर जाएं।
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शीतकालीन यात्रा को मिल रहा बढ़ावा
केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद हर साल बाबा केदारनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान होती है। यही स्थिति मदमहेश्वर की भी रहती है। इस समय जो श्रद्धालु ग्रीष्मकाल में बाबा केदारनाथ के दर्शन नहीं कर पाते, वे शीतकाल में ऊखीमठ आकर बाबा के दर्शन कर सकते हैं।
ओंकारेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने बताया कि इस साल बर्फबारी के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। भक्त यहां आकर बाबा केदार और बाबा मदमहेश्वर के दर्शन कर रहे हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कर रहे हैं।
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सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम
बर्फबारी के कारण बढ़ी ठंड को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस के जवान यहां तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके। हालांकि, भारी बर्फबारी के चलते पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं में भी थोड़ी परेशानी आ रही है।
पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे ऊनी कपड़े, जरूरी दवाइयां और गर्म खाने-पीने की सामग्री लेकर ही यात्रा करें।
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आने वाले दिनों में और बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक केदारनाथ, तुंगनाथ, मदमहेश्वर और चोपता सहित ऊंचाई वाले इलाकों में और अधिक बर्फबारी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को सावधानी बरतने और मौसम को ध्यान में रखकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।

