Woman taking an ice therapy cold plunge in an ice-filled tub(pc- shutterstock)
Ice Therapy: सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेंड्स के बीच Ice Therapy और Cold Plunge इन दिनों तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पहले इसे मुख्य रूप से एथलीट और फिटनेस से जुड़े लोग वर्कआउट के बाद रिकवरी के लिए इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब आम लोग भी इसे वेलनेस रूटीन का हिस्सा बनाने लगे हैं। हाल ही में अभिनेत्री हिना खान का बर्फ से भरे पानी में बैठने का वीडियो सामने आने के बाद इस तकनीक को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई।
हालांकि Cold Plunge को लेकर कई तरह के स्वास्थ्य लाभ बताए जाते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसे हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। खासकर दिल और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्या वाले लोगों को इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
क्या है Ice Therapy और Cold Plunge?
Ice Therapy, जिसे Cold Water Immersion या Cold Plunge भी कहा जाता है, में शरीर को कुछ समय के लिए ठंडे पानी में डुबोया जाता है। आमतौर पर इसमें ठंडे पानी का इस्तेमाल किया जाता है और कुछ लोग पानी का तापमान और कम करने के लिए उसमें बर्फ भी डालते हैं।
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इस प्रक्रिया का इस्तेमाल लंबे समय से स्पोर्ट्स रिकवरी में किया जाता रहा है। भारी एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों में होने वाली soreness और असहजता को कम करने के लिए खिलाड़ी Cold Plunge का सहारा लेते हैं। ठंड के संपर्क में आने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं, जिससे कुछ समय के लिए सूजन और दर्द कम महसूस हो सकता है।
सोशल मीडिया से आम लोगों तक पहुंचा Cold Plunge
Cold Plunge की लोकप्रियता बढ़ने की एक बड़ी वजह सोशल मीडिया भी है। सेलिब्रिटी, फिटनेस इन्फ्लुएंसर और एथलीट अक्सर अपने वर्कआउट या रिकवरी रूटीन के वीडियो शेयर करते हैं। इसके बाद वही तरीका आम लोगों के बीच भी तेजी से लोकप्रिय हो जाता है।
हिना खान के वीडियो के बाद भी इस तकनीक को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी। हालांकि किसी सेलिब्रिटी को ऐसा करते देखकर खुद इसे शुरू कर देना उचित नहीं है। खासतौर पर यदि व्यक्ति पहले से किसी बीमारी का इलाज करा रहा हो, तो Ice Therapy डॉक्टर की सलाह और उचित निगरानी में ही की जानी चाहिए।
Cold Plunge से मांसपेशियों को मिल सकती है राहत
Cold Plue का सबसे ज्यादा इस्तेमाल एक्सरसाइज के बाद मांसपेशियों की रिकवरी के लिए किया जाता है। ठंडे पानी में शरीर के डूबने से रक्त वाहिकाओं में अस्थायी संकुचन होता है, जिससे मांसपेशियों की soreness और सूजन को कुछ समय के लिए कम करने में मदद मिल सकती है। एथलीटों में Cold Water Immersion पर हुई एक व्यवस्थित समीक्षा में भी व्यायाम के बाद रिकवरी से जुड़े कुछ सकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं।
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हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर वर्कआउट के बाद Ice Therapy जरूरी है। खासकर मसल्स बनाने वाले स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के तुरंत बाद अत्यधिक ठंड का इस्तेमाल मांसपेशियों के adaptation को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल उद्देश्य और समय को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
तनाव और मानसिक सतर्कता पर भी पड़ सकता है असर
ठंडे पानी में अचानक जाने से शरीर में तेज physiological response पैदा होता है। इससे व्यक्ति को कुछ समय के लिए ज्यादा alert और सक्रिय महसूस हो सकता है। कुछ शोधों में Cold Water Immersion के बाद तनाव और नींद से जुड़े संभावित लाभ भी देखे गए हैं।
हालांकि वैज्ञानिक प्रमाण अभी इतने मजबूत नहीं हैं कि Cold Plunge को तनाव, डिप्रेशन या मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज माना जाए। 2025 में प्रकाशित एक systematic review में Cold Water Immersion से तनाव, नींद और quality of life से जुड़े कुछ संभावित लाभ मिले, लेकिन शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि उपलब्ध अध्ययनों की संख्या सीमित है और लंबे समय के प्रभावों को समझने के लिए बेहतर शोध की जरूरत है।
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क्या Cold Plunge इम्युनिटी बढ़ाता है?
सोशल मीडिया पर Ice Therapy को लेकर इम्युनिटी मजबूत करने, वजन घटाने और कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में फायदा पहुंचाने जैसे दावे भी किए जाते हैं। लेकिन इन दावों को लेकर सावधानी जरूरी है।
मौजूदा वैज्ञानिक प्रमाण यह साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं कि नियमित Cold Plunge हर व्यक्ति की immunity को मजबूत कर देगा या वजन कम करने का प्रभावी तरीका है। इसलिए इसे किसी बीमारी के इलाज या वजन घटाने की मुख्य रणनीति के रूप में नहीं देखना चाहिए।
किन लोगों को Cold Plunge से बचना चाहिए?
Cold Plunge हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं है। अचानक बहुत ठंडे पानी में जाने से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और ब्लड प्रेशर तथा हृदय की कार्यप्रणाली पर तत्काल दबाव पड़ सकता है। यही वजह है कि हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर या कुछ अन्य cardiovascular समस्याओं वाले लोगों को डॉक्टर से सलाह लिए बिना इसे नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा डायबिटीज, खराब blood circulation, peripheral neuropathy यानी हाथ-पैर की नसों से जुड़ी संवेदनशीलता की समस्या और कुछ अन्य स्थितियों में भी विशेष सावधानी की जरूरत होती है। गर्भावस्था में भी Cold Plunge शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
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अचानक ठंडे पानी में उतरना क्यों हो सकता है खतरनाक?
बहुत ठंडे पानी में अचानक जाने से cold shock response हो सकता है। इसमें तेज सांस चलना, हांफना, चक्कर और हृदय गति में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शोध में यह भी पाया गया है कि cold shock response कुछ परिस्थितियों में cardiac arrhythmia और डूबने के जोखिम को बढ़ा सकता है।
लंबे समय तक ठंडे पानी में रहने से शरीर का तापमान बहुत नीचे जा सकता है और hypothermia, सुन्नपन या त्वचा तथा नसों को नुकसान का जोखिम भी पैदा हो सकता है।
पहली बार Cold Plunge कर रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति Cold Plunge आजमाना चाहता है, तो शुरुआत बहुत कम समय से करना बेहतर है। Cleveland Clinic के अनुसार शुरुआती लोगों के लिए लगभग 10 से 15 डिग्री सेल्सियस का पानी और एक-दो मिनट की छोटी अवधि से शुरुआत की सलाह दी जाती है। पानी 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे न रखने की सलाह भी दी गई है।
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पानी में अकेले जाने से बचें और चक्कर, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कंपकंपी या असहजता महसूस होने पर तुरंत बाहर निकलें। बाहर आने के बाद शरीर को धीरे-धीरे गर्म करना भी जरूरी है।
Trend जरूर है, लेकिन इलाज नहीं
Ice Therapy और Cold Plunge फिटनेस और recovery के लिए कुछ लोगों को फायदा पहुंचा सकते हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का इलाज या हर व्यक्ति के लिए जरूरी wellness practice समझना सही नहीं होगा। वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं और इसके लाभ व्यक्ति, तापमान, अवधि तथा इस्तेमाल के उद्देश्य के अनुसार बदल सकते हैं।
इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर तुरंत इसे अपनाने के बजाय अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझना ज्यादा जरूरी है। खासकर हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, circulation या nerve-related समस्या वाले लोगों को Cold Plunge शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

