Jharkhand News:बिहार के बाद अब झारखंड में मालगाड़ी हादसा! बंडामुंडा सेक्शन में दो डिब्बे पटरी से उतरे, मुंबई- हावड़ा रेललाइन ठप
Jharkhand Train Accident : झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल में शनिवार सुबह एक बड़ी रेल दुर्घटना हुई। बंडामुंडा में मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे मुंबई-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग का अप लाइन ठप हो गया। अधिकारियों और रेल कर्मचारियों ने तुरंत राहत एवं बहाली कार्य शुरू किया, लेकिन इस साल बंडामुंडा रेलखंड में हुई यह पहली दुर्घटना रेल सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर रही है।
मालगाड़ी दुर्घटना की विस्तृत जानकारी
घटना शनिवार सुबह लगभग 7:45 बजे बंडामुंडा मुख्य सेक्शन के के-केबिन के सामने, किलोमीटर पोल संख्या 408/11 ई के पास हुई। दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी एन बॉक्स बंडामुंडा से राउरकेला की ओर जा रही थी। अचानक दो डिब्बे पटरी से उतर गए और अप लाइन में खड़े होकर ट्रेनों के परिचालन को ठप्प कर दिया।
रेलकर्मी और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
दुर्घटना की सूचना मिलते ही इंजीनियरिंग एवं कैरिज एंड वैगन डिपार्टमेंट के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर राहत एवं बहाली कार्य में जुट गए। उन्होंने तुरंत पटरी पर मालगाड़ी को वापस लाने की कवायत शुरू की। हालांकि, इस घटना को लेकर विभागीय अधिकारी कथित तौर पर छुपाने का प्रयास कर रहे हैं। रेल अधिकारियों के अनुसार, नए साल में बंडामुंडा रेलखंड में यह पहला रेल हादसा है, और इसी कारण दुर्घटना के एक घंटे बाद भी किसी तरह का आपातकालीन हंटर या बचाव कार्य का संकेत नहीं मिला।
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रेल परिचालन पर असर
इस घटना के कारण मुंबई-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग का अप लाइन ठप हो गया। यात्रियों और माल परिवहन दोनों पर इसका सीधा असर पड़ा। कई ट्रेनों को रद्द या विलंबित करना पड़ा। रेल प्रशासन ने यात्रियों को मार्ग परिवर्तन और इंतजार के लिए सूचित किया।
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सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल
बंडामुंडा रेलखंड में हुए इस हादसे ने चक्रधरपुर रेल मंडल में सुरक्षित ट्रेन परिचालन को गंभीर रूप से कटघरे में खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मालगाड़ी की देखरेख और पटरी सुरक्षा की जांच नियमित रूप से होनी चाहिए। यदि समय पर निगरानी और रखरखाव किया गया होता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। झारखंड में मालगाड़ी हादसा एक चेतावनी है कि रेल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अधिकारियों को चाहिए कि हादसों को छुपाने की बजाय समय पर सूचना दें और यात्रियों और माल परिवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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यात्रियों और मालपरिवहन पर प्रभाव
इस हादसे के कारण न केवल रेल परिचालन ठप हुआ बल्कि माल परिवहन और यात्रियों की सुविधाओं पर भी बड़ा असर पड़ा। कई मालगाड़ियों का शेड्यूल प्रभावित हुआ और कुछ पैसेंजर ट्रेनों को रद्द या मार्ग बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। यात्रियों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा, जिससे स्टेशन पर भीड़ और असुविधा बढ़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर रेलवे प्रशासन समय पर आपातकालीन योजना और बचाव कार्य लागू करता, तो यातायात और माल वितरण पर होने वाला असर कम किया जा सकता था।

