Photo Source: Google
Economic Crisis in Pakistan: तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच तनाव काफी बढ़ता जा रहा है.पाकिस्तानी सेना के हवाई हमले में करीब 50 लोगों के मारे जाने के बाद तालिबानी सेना ने भी पाकिस्तान सेना के करीब 20 जवानों को बड़ा हमला करके मारने का दावा किया.यही नहीं टीटीपी (TTP) के आतंकियों ने भी पाकिस्तानी सेना की कई चौकियों पर कब्जा कर लिया.इससे दुनियाभर में पाकिस्तानी सेना की जमकर किरकिरी हुई. तालिबानी (TALIBAAN) सरकार ने ये भी कह दिया कि वो अग्रेजों की खींची हुई सीमा रेखा डूरंड लाइन को नहीं मानती है. इसके जवाब अब पाकिस्तानी सेना (Pakistan Army) अफगानिस्तान (Afghanistan) का सिर कहे जाने वाले वखान कॉरिडोर पर नापाक कदम उठा रही है.इससे तालिबानी और टीटीपी आतंकी (Terrorist) भी ऐक्शन में आ गए हैं।

Photo Source: Google
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तान की सेना ने तालिबान से कह दिया है कि, अगर वो डूरंड लाइन को नहीं मानती है कि, तो वे भी वखान कॉरिडोर पर अफगानिस्तान पर कब्जा स्वीकार नहीं करेंगे, पाकिस्तान का कहना है कि, ये वखान कॉरिडोर पाकिस्तान का हिस्सा था जिसे अंग्रेजों ने बफर जोन के रूप में बना दिया था.इसलिए वे भी वखान कॉरिडोर को नहीं मानते हैं.. अफगानिस्तान का वखान कॉरिडार एक तरह से उसका चिकन नेक है जो उसे चीन से सीधे जोड़ता है.. चीन और अफगानिस्तान के बीच यहां से सीधा रास्ता बन रहा है जिससे उसे पाकिस्तान की जरूरत नहीं होगी।पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ हाल ही में तजाकिस्तान के दौरे पर गए थे। पाकिस्तानी सेना चाहती है कि तजाकिस्तान और वहां मौजूद तालिबान विरोधी गुटों को एक साथ लाकर उसे दबाव में लाया जाए.वखान कॉरिडोर आज के समय में 4 देशों को जोड़ता है.वखान कॉरिडोर से दो रास्ते निकलते हैं जो पाकिस्तान को कनेक्ट करते हैं.. यहां पर पाकिस्तानी सेना काफी बड़े पैमाने पर तैनात है। पाकिस्तान अगर वखान कॉरिडोर पर कब्जा कर लेता है तो उसकी सीधी पहुंच तजाकिस्तान तक हो जाएगी। यही वजह है कि पाकिस्तानी अब इस नापाक प्लान पर काम कर रही है।
ऐसे में कहा जा सकता है कि पाकिस्तान और तालिबान में छिड़ी जंग अभी रुकने वाली नहीं है.चीन ने अभी इस पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है.उधर, पाकिस्तानी सेना को मात देने के लिए भी तालिबान ने भी बड़ा ऐलान कर दिया है.तालिबान ने कहा है कि अब उसके लड़ाके टीटीपी आतंकियों के साथ मिलकर कहीं भी पाकिस्तानी सेना पर हमले कर सकेंगे.अब टीटीपी (TTP) और तालिबानी सेना दोनों मिलकर पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी है.तालिबानी सर्वोच्च नेता ने भी इसको मंजूरी दे दी है। तालिबान और टीटीपी अगर दोनों मिलकर हमला करते हैं. तो पाकिस्तानी सेना की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ जाएंगी। इस बीच तालिबान के उप विदेश मंत्री शेर मोहम्मद अब्बास ने पाकिस्तान को बड़ी धमकी दी है और कहा है कि अफगान लड़ाके परमाणु बम की तरह से हैं जो पाकिस्तान को पानी पिला सकते हैं.
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, हिंदी न्यूज़, Today Hindi News, Breaking
दहशतगर्दों के लिए ऐशगाह बना पाकिस्तान अब बेरोज़गारों का हब रहा है.महंगाई से जनता दम तोड़ रही है..तो खाने पीने की चीज़ों में किल्लत बढ़ती जा रही है…ग़रीबी घटने के बजाए मुसलसल बढ़ती जा रही है.तो आंतरिक और बाहरी समस्या से शहबाज़ सराकर की नींद उड़ी हुई है…महंगाई और नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान से आए दिन बुरी खबरें सामने आना आम बात है.पहले पेंशन में कटौती के बाद अब पाकिस्तान की शहबाज़ सरकार ने डेढ़ लाख नौकरियों को खत्म करने का फैसला किया है. पाकिस्तान में इन विभागों को खत्म कर दिया जाएगा.वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि, सरकार ने 1,50,000 नौकरियों को ख़त्म करते हुए एजेंसियों की तादाद में आधी कटौती करने का फैसला किया है.80 विभागों को 40 में सम्मिलित किया जाएगा.कश्मीर मामलों के मंत्रालय, गिलगित-बाल्टिस्तान और राज्य और सीमांत क्षेत्र का विलय किया जा रहा है और पूंजी विकास प्राधिकरण को ख़त्म किया जा रहा है.मंत्री के मुताबिक, दूसरे चरण में, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, वाणिज्य प्रभाग, आवास और निर्माण और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अनुसंधान के 60 अधीनस्थ संस्थानों में से 25 संस्थानों को ख़त्म कर दिया जाएगा, 20 का आकार छोटा कर दिया जाएगा और नौ का विलय कर दिया जाएगा.शहबाज की तमाम कोशिशों काफूर हो जा रही हैं.वित्तीय संकट सुधरने का नाम नहीं ले रही है.

Advt.
पाक सरकार ने IMF समेत दुनियाभर के कई देशों से भारी भरकम कर्ज ले रखा है.फिर भी कंगाल सरकर के पास देश चलाने के लिए पैसे नहीं है.लगातार बदतर होते हालात से निटपने के लिए शहबाज़ सरकार ने अब बड़ा अजीब फैसला लिया है.पाक की सरकार ने एक झटके में 1.5 लाख नौकरियां खत्म करने का ऐलान किया है.पाकिस्तान ने चल रहे वित्तीय संकट के बीच शहबाज़ सरकार ने खर्चों को कम करने के लिए 60 फीसदी ख़ाली पदों को खत्म करने का फैसला किया.इसी के साथ पाकिस्तान में एक झटके में डेढ़ लाख सरकारी नौकरियां खत्म हो जाएंगी.जॉब मार्केट के एक्सपर्ट का कहना है कि, इस फैसले से लाखों पाकिस्तानी युवाओं का भविष्य अंधेरे में चला गया है. पाकिस्तान में पहले से ही लाखों की संख्या में युवा बेरोजगार हैं.उन्हें कम पैसे का जॉब भी नहीं मिल रहा है.अब इस फैसले से उनके पास विकल्प की और कमी होगी.तो क्या आने वाला वक़्त पाकिस्तान के लिए मुसीबतों भरा होगा ।
Read more news like this on: Newswatchindia.com

