Cold wave and dense fog conditions affecting cities across Madhya Pradesh during winter

Cold Wave: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू–कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में समय से पहले हो रही तेज बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों तक साफ दिखाई देने लगा है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्यप्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में कोल्ड वेव और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। बुधवार–गुरुवार की दरमियानी रात भोपाल, इंदौर, राजगढ़, सिवनी और शहडोल में शीतलहर का असर दर्ज किया गया, जबकि रीवा, सतना और दतिया में सुबह के समय कोहरे ने दृश्यता घटा दी।
शहडोल में प्रदेश की सबसे सर्द रात
बीती रात मध्यप्रदेश के कई शहरों में न्यूनतम तापमान औसत से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। शहडोल में 3.5 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश की सबसे ठंडी रात रिकॉर्ड की गई। इसके बाद इंदौर (4.5 डिग्री) और राजगढ़ (4.6 डिग्री) का स्थान रहा। पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, नौगांव में 6.5 डिग्री और उमरिया में 6.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। लगातार गिरते तापमान ने लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
कोहरे से थमी रफ्तार, ट्रेनों-फ्लाइट्स पर असर
प्रदेश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में घने कोहरे के कारण सुबह के समय विजिबिलिटी 200 से 500 मीटर तक सिमट गई। इसका सीधा असर रेल और हवाई यातायात पर पड़ा। उत्तर भारत से भोपाल आने वाली कई ट्रेनें 4 से 8 घंटे तक देरी से चलीं। वहीं, कम दृश्यता के कारण कुछ फ्लाइट्स के शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा। सड़क मार्ग पर भी वाहन चालकों को धीमी गति से सफर करना पड़ा।
5 जिलों में कोल्ड वेव, 11 जिलों में कोहरे की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार–शुक्रवार के लिए प्रदेश के 16 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इंदौर, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल और सीहोर में कोल्ड वेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मुरैना, ग्वालियर, दतिया, निमाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। हालांकि, शुक्रवार के बाद किसी बड़े मौसम सिस्टम की सक्रियता की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है।
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प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान
शहडोल (3.5), इंदौर (4.5), राजगढ़ (4.6), पचमढ़ी (5.2), नौगांव (6.5), उमरिया (6.8), रीवा (7.2), उज्जैन (7.3), छिंदवाड़ा (8.4) और जबलपुर (9.2 डिग्री सेल्सियस) दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में ठंड का असर ज्यादा है।
दिसंबर में और बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी के चलते उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश तक पहुंच रही हैं। इसके साथ ही जेट स्ट्रीम की सक्रियता भी बनी हुई है, जो ठंड को और तीखा बना रही है। ऐसे में दिसंबर के महीने में कड़ाके की ठंड देखने को मिल सकती है, खासकर रात और सुबह के समय।
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दिन में तापमान औसत के आसपास
हालांकि, दिन के समय तापमान में बड़ी गिरावट नहीं देखी गई है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटे में प्रदेश का मौसम शुष्क रहा। बुधवार को छिंदवाड़ा में अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से अधिक रहा। दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, दमोह, छतरपुर, खजुराहो, सतना और सिवनी में भी अधिकतम तापमान औसत से 2 से 4 डिग्री ऊपर रहा। वहीं, नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान औसत से कम दर्ज किया गया, जबकि अन्य शहरों में दिन का तापमान सामान्य के आसपास बना रहा।
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सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह और रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने, कोहरे में वाहन चलाते समय गति सीमित रखने और यात्रा से पहले मौसम व यातायात की जानकारी लेने की अपील की गई है। पहाड़ों की बर्फबारी का असर फिलहाल जारी रहने के संकेत हैं, ऐसे में मध्यप्रदेश में ठंड का यह दौर अगले कुछ दिनों तक लोगों को परेशान कर सकता है।

