Major accident averted in Rishikesh: 100 devotees stranded on Janaki Jhula island in the rising flow of Ganga, water police saved their lives
DEVOTEES RESCUE FROM GANGA : महाशिवरात्रि के अवसर पर उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा स्नान करने पहुंचे हरियाणा के 100 श्रद्धालुओं की जान पर बन आई, जब अचानक गंगा का जलस्तर बढ़ गया और वे जानकी झूला के पास एक टापू पर फंस गए। स्थिति गंभीर होती देख श्रद्धालुओं ने मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया, जिसके बाद जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
कैसे फंसे श्रद्धालु?
मुनि की रेती थाना पुलिस के अनुसार, महाशिवरात्रि के अवसर पर हरियाणा से श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह गंगा स्नान के लिए ऋषिकेश के जानकी झूला घाट पर पहुंचा था। चूंकि उस समय गंगा का जलस्तर कम था, इसलिए सभी श्रद्धालु गंगा के बीच बने एक टापू तक चले गए और वहां स्नान करने लगे। लेकिन कुछ ही देर में टिहरी बांध से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे श्रद्धालु टापू पर फंस गए।
गंगा का प्रवाह बढ़ते ही श्रद्धालुओं को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने किनारे पर वापस आने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वे टापू से बाहर नहीं निकल पाए। धीरे-धीरे हालात और गंभीर होते गए और घबराए हुए श्रद्धालु मदद के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगे।
केदारनाथ धाम में भारी बर्फबारी, ओंकारेश्वर में बढ़ी शीतकालीन यात्रा की रौनक
जल पुलिस ने बचाई जान
श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर पास में मौजूद जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। मुनि की रेती थाने के इंस्पेक्टर प्रदीप चौहान ने बताया कि जानकी झूला घाट के निकट ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस के जवान राजेंद्र सिंह, रवि राणा, विदेश चौहान, पुष्कर रावत और महेंद्र चौधरी ने बिना समय गंवाए अपनी जान जोखिम में डालकर राहत कार्य शुरू किया।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
पुलिसकर्मियों ने तेज बहाव में फंसे श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। पूरी रेस्क्यू प्रक्रिया में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन अंततः सभी 100 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस सफल बचाव अभियान के बाद श्रद्धालुओं ने जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

टिहरी बांध से छोड़े गए पानी के कारण बढ़ता है खतरा
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में गंगा का जलस्तर समय-समय पर बदलता रहता है। खासतौर पर टिहरी बांध से पानी छोड़े जाने पर गंगा का जल स्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे कई बार ऐसे हादसे हो सकते हैं। इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जब गंगा के बीच में बने टापुओं पर लोग फंस गए और रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा।
उत्तराखंड में भारी बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे गंगा में स्नान करते समय सतर्क रहें और गहरे पानी या टापुओं पर जाने से बचें। महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से खास इंतजाम किए जाते हैं।
प्रशासन ने दी चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे गंगा में स्नान करने के दौरान सतर्कता बरतें और जलस्तर के बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें। स्थानीय प्रशासन ने घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं करने की योजना बनाई है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

