Bihar News : चुनावी संग्राम की दुदुम्भी बज चुकी है। बीजेपी की अपनी हुंकार है तो कांग्रेस की अपनी पैतरेबाजी। उधर एक तरफ एनडीए की विस्तारवादी राजनीति है तो दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन की अपनी तैयारी। दोनों के अपने दावे है और अपने खेल भी। बीजेपी की परेशानी है कि उसे पहली बार विपक्ष की घेराबंदी से जूझना पड़ रहा है और इंडिया गठबंधन की परेशानी है कि उसे किसी भी सूरत में बीजेपी को सत्ता से हटाने की चुनौती है। वादों की भरमार है लेकिन जनता भ्रमित है। जनता समझ नहीं पा रही है कि किधर जाए! एक तरफ पांच किलो अनाज का लोभ है तो दूसरी तरफ बेहतर सरकार और भविष्य सँभालने की बात। दोनों तरफ के बड़े-बड़े दावे हैं।
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इसी बीच पटना में भी खेल होते नजर आ रहे हैं। पिछले महीने भर से पटना में लगातार यह खबर फ़ैल रही है कि नीतीश कुमार की पार्टी टूट रही है। दूसरी खबर ये भी है कि नीतीश कुमार फिर से पाला बदल सकते हैं। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) बीजेपी के साथ फिर से भी जा सकते हैं। लालू यादव को चढ़ाया जा रहा है। उन्हें पिनकाया जा रहा है। नीतीश कुमार के खिलाफ उन्हें भड़काया जा रहा है। नीतीश कुमार लम्बे समय से मौन है उधर लालू यादव भी मौन है और स्थिति को परख रहे हैं।
आज दो अक्टूबर है। पटना गाँधी मैदान में नेताओं का जामववाड़ा लगा है। उपराज्यपाल पहुंचे, मुख्यमंत्री पहुंचे और महात्मा गाँधी को याद किये। बापू को नमन किया गया। उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। जयकारे भी लगे। इसी बीच नीतीश कुमार (Nitish Kumar) फिर से मीडिया से टकरा गए। सवाल पूछे गए। कई सवाल पूछे गए तो नीतीश कुमार बोल पड़े। सवाल था कि क्या जदयू टूट रही है? क्या जदयू के सांसद पार्टी से निकलने वाले हैं? नीतीश कुमार (Nitish Kumar) मुस्कुरा उठे। कहने लगे आप क्या बोल रहे हैं? फिर उन्होंने कहा कि उनको कहिये कि अगर तोड़ना है तो तोड़ दें। बड़ा ही अच्छा होगा। हम तो इन्तजार कर रहे हैं। बाकी वे लोग तो और कह रहे हैं। कहने से क्या होगा? उन्हें तो कर देना चाहिए।
जैसे ही जदयू में टूट से जुड़ी खबरें नीतीश (Nitish Kumar) के सामने रखी गई पहले तो नीतीश कुमार अकबका गए। इसके बाद वे तेजस्वी यादव की तरफ देखने लगे। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को बताया कि बीजेपी कह रही है कि जदयू टूट रही है। इसके बाद नीतीश कुमार सम्भले, मुस्कुराये और फिर कहा आप लोग उनको बधाई क्यों नहीं देते। सुशील मोदी को बधाई दीजिये। नीतीश कुमार ने कहा कि आप लोग को बर्बाद कर दिया गया है। अब हम लोगों को बर्बाद करने के चक्कर में है।
बापू को श्रद्धांजलि देने गाँधी मैदान में और भी कई मंत्री पहुंचे थे। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर थे, विजय कुमार चौधरी थे, सुमित सिंह थे और श्रवण कुमार भी थे। फिर नीतीश कुमार ने कहा कि आज बापू को याद कीजिये। वह बिहार में भी आये थे। देश के भीतर उन्होंने आजादी के लिए बड़ा काम किया था। हम लोग उन्हीं की बातों को मानकर आगे काम कर रहे हैं। गाँधी मैदान में गाँधी मूर्ति बहुत अच्छी लगाईं गई है। आज केवल बापू के बारे में चर्चा की जरूरत है।
फिर इंडिया गठबंधन पर सवाल किया गया। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा इंडिया गठबंधन में जिसको जो जिम्मेदारी मिली है उसको वो करेंगे। समय आ रहा है। उसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी। इस बारे में अभी कुछ भी बोलना ठीक नहीं है।