Mohan Lal Badoli: उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर बवाल, बडोली का कांग्रेस पर तंज, बोले "कांग्रेस का ढांचा भाई-भतीजावाद पर आधारित"

Mohan Lal Badoli: उपराष्ट्रपति चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने जहां बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली ने कांग्रेस पर करारा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने सांसदों को वोट डालने की ट्रेनिंग देनी चाहिए, क्योंकि यह उसकी कमजोरी है कि उसके ही सांसद इधर-उधर वोट कर देते हैं।
“हम अपने सांसदों को देते हैं ट्रेनिंग” – बडोली का तंज
बडोली ने दावा किया कि बीजेपी चुनावों से पहले हर सांसद और विधायक को बाकायदा प्रशिक्षण देती है, ताकि कोई गलती न हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव से पहले ट्रेनिंग ली थी।” इसके विपरीत कांग्रेस की तैयारी और अनुशासन पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी कमजोरी छिपाने के लिए दूसरों पर दोष मढ़ रही है।
हरियाणा की तमाम बड़ी खबरें LIVE देंखे
कांग्रेस की बाढ़ राहत आलोचना पर पलटवार
बडोली रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में आयोजित ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ सेमिनार में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान जब कांग्रेस द्वारा हरियाणा सरकार की बाढ़ राहत कार्यों की आलोचना का मुद्दा उठा, तो उन्होंने कहा,
“जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां आपदा के समय क्या होता है, पहले वो देखें। हरियाणा सरकार ने न सिर्फ अपने राज्य में बल्कि अन्य राज्यों में भी मदद पहुंचाई है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि बीजेपी कार्यकर्ता बिना प्रचार के सेवा कार्यों में लगे रहते हैं, जबकि कांग्रेस केवल आरोपों की राजनीति करती है।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
“कांग्रेस का ढांचा भाई-भतीजावाद पर आधारित”
मोहनलाल बडोली ने कांग्रेस संगठन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज भी परिवारवाद और भाई-भतीजावाद के ढांचे पर चल रही है, जबकि बीजेपी में एक साधारण कार्यकर्ता भी मेहनत और समर्पण से ऊंचे पद तक पहुंच सकता है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
अभय चौटाला पर तीखा प्रहार
इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला द्वारा मुख्यमंत्री नायब सैनी पर किए गए कटाक्ष का जवाब देते हुए बडोली ने कहा, “अभय सिंह चौटाला को खुद नहीं पता कि वह क्या कह रहे हैं। जनता ने उन्हें कई बार नकारा है और यही उनकी स्थिति का प्रमाण है।”
क्रॉस वोटिंग से शुरू हुई यह राजनीतिक जंग अब संगठनात्मक हमलों और व्यक्तिगत कटाक्षों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले चुनावों में यह बयानबाज़ी किस ओर करवट लेती है – जनता की सहानुभूति या असहमति की दिशा में।

