उधमसिंह नगर। मुरादाबाद जिले के थाना डिडौली के गांव कांकरखेड़ा निवासी जफर के कारण मुरादाबाद पुलिस उत्तराखंड पुलिस ‘क़ातिल’ बन गया है। जफर के कारण मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा पुलिस के खिलाफ उधमसिंह नगर के कुंड़ा थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ है।
दरअसल जफर के खिलाफ मुरादाबाद की थाना ठाकुरद्वारा में पुलिस पर हमला करने संबंधी मामला दर्ज है। यह हमला 13 सितबंर को ठाकुरद्वारा एसडीएम व खनन इंस्पेक्टर पर किया गया था। खनन माफियाओं ने इन अधिकारियों की टीम से उप खनिजों से लदे पांच में से चार डंपर छुड़ा लिये थे।
जफर उधमसिंह नगर के थाना कुंडा के ग्राम भरतपुर में भाजपा नेता गुरताज सिंह भुल्लर के फार्म हाउस पर शरण लिये हुए था। उसे गिरफ्तार करने के लिए मुरादाबाद पुलिस यहां आयी थी। पचास हजार का इनामी जफर तो मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा पुलिस के हाथ नहीं लग सका। लेकिन मुरादाबाद (ठाकुरद्वारा) पुलिस और उत्तरांखड पुलिस के बीच जबरदस्त टकराव हो गया।
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दबिश के दौरान फायरिंग में न केवल भाजपा नेता गुरताज सिंह भुल्लर की पत्नी गुरजीत कौर(29) का मौत हो गयी, बल्कि दो एसओजी के दो सिपाही भी जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं। इसके लिए मुरादाबाद पुलिस ही दोषी है। यदि मुरादाबाद पुलिस उधमसिंह नगर पुलिस को विश्वास में लेकर दबिश देती तो ये हादसे नहीं होते।
बहराल उत्तराखंड की उधमसिंहनगर पुलिस व यूपी की मुरादाबाद पुलिस के बीच इस समय छत्तीस का आंकड़ा है। दोनों राज्यों के उच्च अधिकारी भी इस मामले को लेकर एक दूसरे के प्रति काफी मुखर हैं। अब देखना है कि आने वाले दिनों में किस राज्य की पुलिस बैकफुट पर आती है।