Mother cow is dying of hunger and thirst in the cow shed, the dominance of the head has come to light!
Mathura News: जिस गाय को हम मां कहते हैं, आज वही मां जिंदगी औऱ मौत के बीच में लड़ाई लड़ रही है। क्योंकि कुछ लोगों ने अपनी जेब भरने की खातिर अपनी मां को बेच दिया है….. वो भी लालच और भ्रष्टाचार के हाथों…अगर योगी राज में भी गायों की ऐसी दुर्दशा है। तो सवाल खड़ें होंगे, सवाल पूछे जाएंगे….डंके की चोट पर सवाल उठाए जाएंगे। क्योंकि हर साल करोड़ों रूपए गौशाला के नाम पर खर्च होते हैं…. लेकिन साहब नतीजा क्या होता है।
वैसे तो पूरे हिंदुस्तान में ही गौमाता को पूजा जाता है। लेकिन जब बात कान्हा की नगरी की होती है…. तो यहां पर नजार कुछ और ही देखने को मिलता है, यहां पर लोग गायों को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं…. लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं…. जो अपनी जेब भरते हैं और भ्रष्टाचार ताबड़तोड़ करते है।
मथुरा में गौशाला की हालत बद से बदतर हो चुकी है। गायों के लिए चारा तो छोड़िए साहब…. पीने तक के लिए पानी नहीं है…. गौमाता दम तोड़ रही हैं। और इन सबके लिए जिम्मेदार है यहां का प्रधान… यूपी के मथुरा जिले के तहसील माट से जब ये तस्वीरें सामने आई तो सवाल खड़े होने लगेय़ श्री राम गौ रक्षा दल माट और श्री राधा रानी गौ सेवा समिति को खबर मिली कि छारी वंशीवट मे स्थित गौशाला मे गौमाताओं की हालात बद से बदतर है… गायों के अवशेषों को कुत्ते खा रहे हैं… जिसके बाद राधा रानी सेवा समिति की पूरी टीम निरीक्षण करने के लिए पहुंची। गौ माता के अवशेषों का गट्ठर पास में पानी मे पड़ा हुआ है…. पूरी गौशाला में अवशेष पड़े हुए हैं… कई गावंश घायल हैं। गौरक्षकों की ओर से इस बारे में जानकारी की गई तो पता चला कि गौशाला संचालक प्रतिनिधि प्रधान मोर मुकुट चौधरी है। जब इन साहब जादे से पूछा गया…. तो गौरक्षकों को बेल्टों से मारने की कोशिश की गई।
गौरक्षक दल लगातार प्रधान से शांति से बात कर रहे हैं…. लेकिन प्रधान जी तो अपने घमंड और पाप में चूर हैं… शायद ये भूल गए हैं कि जब प्रशासन और बाबा का हंटर चलता है…. तो सारी हेकड़ी धरी की धरी रह जाती है.। साथ ही सरकार को भी ये ध्यान देने की सख्त जरूरत है…. कि जो लोग गौशाला चला रहे हैं क्या वहां पर गायों की देखभाल हो भी रही है या नहीं।

