On the foundation day, the unemployed union marched towards the CM's residence, causing damage to government property and the matter reached litigation
Unemployed union marched in uttarakhand: उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर, 9 नवंबर को, बेरोजगार संघ के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच पर निकल पड़े। बिना अनुमति के किए गए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और पुलिस को अलर्ट कर दिया। बेरोजगार संघ के इस विरोध मार्च का नेतृत्व राम कंडवाल जैसे प्रमुख सदस्यों ने किया, और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। मगर, हाथीबड़कला बैरियर पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
सरकारी संपत्ति को नुकसान और जनता की परेशानी
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर हंगामा मचाया, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। स्थिति इतनी बिगड़ी कि सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। बुजुर्ग, स्कूली बच्चे, बीमार लोग और एम्बुलेंस भी जाम में फंस गए, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस अव्यवस्था का खामियाजा आम जनता को भी भुगतना पड़ा।
नामजद और अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज
डालनवाला पुलिस थाना ने इस उपद्रव के मद्देनजर बेरोजगार संघ के कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। राम कंडवाल, बॉबी पंवार, अखिल तोमर, पीयूष जोशी, विशाल चौहान, सुरेश सिंह समेत 25 नामजद और लगभग 50-60 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं—191(2), 190, 126, 121, 132 और उत्तराखंड लोक संपत्ति निवारण अधिनियम की धारा 2 व 3 के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस की अपील: युवाओं से संयम बनाए रखने का आग्रह
इस घटना के बाद एसएसपी अजय सिंह ने युवाओं से संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है, पर इसे कानून और शांति का पालन करते हुए किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि युवाओं को ऐसे अनावश्यक प्रदर्शनों से दूर रहना चाहिए, ताकि उनका भविष्य प्रभावित न हो।

प्रशासन की चिंता: शांति भंग और कानून का उल्लंघन
स्थापना दिवस पर हुई इस घटना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। बिना अनुमति के इस प्रदर्शन ने कानून व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जनता में नाराजगी
इस प्रदर्शन के कारण आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। यातायात बाधित होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हुआ। खासकर बुजुर्गों, बीमारों और छोटे बच्चों को इस अव्यवस्था के चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिससे जनता में नाराजगी देखी जा रही है।
बेरोजगार संघ की मांगें और सरकार का रुख
बेरोजगार संघ का कहना है कि वे रोजगार और नौकरी से संबंधित अपने मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का कदम मजबूरी में उठाया। उनका आरोप है कि सरकार ने किए वादों को पूरा नहीं किया। वहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्रदर्शन और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा।

