PM Modi 4-Hour Marathon Meeting: Prime Minister Narendra Modi chairs a four-hour marathon meeting with Central Government Secretaries at Seva Tirtha, discussing Developed India 2047, PM GatiShakti, Ease of Doing Business and Administrative Reforms.
PM Modi 4-Hour Marathon Meeting: केंद्र सरकार ने 2047 तक भारत को एक डेवलप्ड देश बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। 4-घंटे की मैराथन मीटिंग (PM Modi 4-Hour Marathon Meeting) में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मंत्रालयों और डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी के साथ करीब चार घंटे तक गहन विचार-विमर्श किया। मीटिंग का मकसद सिर्फ प्लान का रिव्यू करना ही नहीं था, बल्कि आने वाले सालों के लिए गवर्नेंस, इकोनॉमिक रिफॉर्म और ज्यादा असरदार सिविल सर्विस के लिए स्ट्रैटेजी बनाना भी था।
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क्या था चार घंटे की हाई-लेवल मीटिंग का मुख्य एजेंडा?
PM मोदी 4-घंटे की मैराथन मीटिंग (PM Modi 4-Hour Marathon Meeting) के दौरान, दो खास टॉपिक पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया। पहला, देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग को और बेहतर बनाने के लिए रेगुलेशन में सुधार और गैर-जरूरी प्रोसेस को खत्म करना। दूसरा, आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई तेजी देना, ताकि भारत दुनिया भर में इकोनॉमिक रूप से और मजबूत बन सके। मीटिंग में, अलग-अलग मंत्रालयों के सेक्रेटरी ने अपने-अपने डिपार्टमेंट की प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की और सरकार की प्रायोरिटी को लागू करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया।
PM मोदी का ‘होल-ऑफ-गवर्नमेंट’ मॉडल पर खास जोर
PM मोदी 4-घंटे की मैराथन मीटिंग (PM Modi 4-Hour Marathon Meeting) में, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी डिपार्टमेंट को एक टीम की तरह काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री के बीच अलग-अलग काम करने की आदत को खत्म करना होगा। प्रधानमंत्री का मानना है कि जब सभी डिपार्टमेंट बेहतर तालमेल से काम करेंगे, तभी योजनाओं का फायदा आम नागरिक तक तेजी से पहुंचेगा। उन्होंने अधिकारियों को रिजल्ट-बेस्ड एडमिनिस्ट्रेशन अपनाने और योजनाओं के असल असर पर फोकस करने का निर्देश दिया।
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PM गति शक्ति को और बढ़ाने के निर्देश
मीटिंग के दौरान, प्रधानमंत्री ने PM गति शक्ति प्लेटफॉर्म के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म डेटा-ड्रिवन फैसले लेने और प्रोजेक्ट के बेहतर तालमेल के लिए बहुत जरूरी साबित हो सकता है। PM मोदी 4-घंटे की मैराथन मीटिंग (PM Modi 4-Hour Marathon Meeting) में, अधिकारियों से अलग-अलग मिनिस्ट्री के बीच जानकारी के लेन-देन को मजबूत करने के लिए कहा गया, ताकि डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में देरी कम हो और रिसोर्स का इस्तेमाल बेहतर हो सके।
2047 तक डेवलप्ड इंडिया का लक्ष्य क्यों है जरूरी?
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि 2047 तक, जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, भारत को एक डेवलप्ड देश बनाने का लक्ष्य हर मिनिस्ट्री की प्रायोरिटी होनी चाहिए। उन्होंने सेक्रेटरी से एडमिनिस्ट्रेटिव फैसलों में तेजी लाने और यह पक्का करने को कहा कि नागरिकों से जुड़ी स्कीमों को लागू करने में कोई देरी न हो। PM मोदी की 4 घंटे की मैराथन मीटिंग (PM Modi 4-Hour Marathon Meeting) के दौरान, अकाउंटेबिलिटी, ट्रांसपेरेंसी और बेहतर सर्विस डिलीवरी पर भी खास जोर दिया गया।
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आर्थिक सुधार और प्रशासनिक बदलाव पर सरकार का फोकस (PM Modi 4-Hour Marathon Meeting)
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि हाल के सालों में, सरकार ने कई बड़े रिफॉर्म लागू किए हैं जिनसे नागरिकों और इंडस्ट्री को सीधा फायदा हुआ है। अब, अगला कदम एडमिनिस्ट्रेशन को और ज्यादा मॉडर्न, डिजिटल और अकाउंटेबल बनाना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इस मीटिंग में तय की गई स्ट्रेटेजी को असरदार तरीके से लागू किया जाता है, तो इससे इन्वेस्टमेंट, एम्प्लॉयमेंट, इंडस्ट्री और पब्लिक सर्विस की क्वालिटी में काफी सुधार हो सकता है।
डेवलप्ड इंडिया के रोडमैप में एक जरूरी कड़ी
PM मोदी की 4 घंटे की मैराथन मीटिंग (PM Modi 4-Hour Marathon Meeting) सिर्फ एक रूटीन एडमिनिस्ट्रेटिव रिव्यू मीटिंग नहीं थी, बल्कि यह डेवलप्ड इंडिया 2047 के लक्ष्य के लिए एक पूरी स्ट्रैटेजी बनाने के लिए एक जरूरी ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन भी थी। सरकार का फोकस अब तेजी से फैसले लेने, मिनिस्ट्रीज के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन, एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म और नागरिक-केंद्रित गवर्नेंस पर है। आने वाले सालों में इन फैसलों का भारत की इकॉनमी, इन्वेस्टमेंट के माहौल और आम लोगों की जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा, इस पर ध्यान से नजर रखी जाएगी।

