India Economic DNA Change: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे के व्यापारिक नेताओं को संबोधित किया और भारत में निवेश और आर्थिक सुधारों पर चर्चा की। (PC - X)
India Economic DNA Change: नॉर्वे के जाने-माने बिज़नेस और रिसर्च लीडर्स को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में भारत का इकोनॉमिक स्ट्रक्चर पूरी तरह से बदल गया है। भारत को दुनिया के सबसे अच्छे इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन में से एक बताते हुए, PM मोदी ने कहा कि देश अब सिर्फ़ एक मार्केट नहीं बल्कि ग्लोबल ग्रोथ इंजन है। भारत के इकोनॉमिक DNA चेंज (India Economic DNA Change) के बारे में PM मोदी का बयान इंटरनेशनल चर्चा का विषय बन गया है।
भारत-नॉर्वे पार्टनरशिप को मिलेगा एक नया डायमेंशन
PM मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय फूड, फ्यूल और फर्टिलाइजर सिक्योरिटी जैसी बड़ी चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे समय में, भारत और नॉर्वे मिलकर इन समस्याओं का सॉल्यूशन ढूंढ सकते हैं। अक्टूबर 2025 में लागू होने वाले TEPA एग्रीमेंट का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है, बल्कि ‘टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रस्ट’ का एग्रीमेंट है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत के इकोनॉमिक DNA चेंज (India Economic DNA Change) ने भारत को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे आकर्षक देशों में से एक बना दिया है। आज, भारत में बिजनेस करना पहले से कहीं ज्यादा आसान है।
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टैक्सेशन और लेबर कोड में बड़े सुधार
PM मोदी ने कहा कि भारत सरकार लगातार कम्प्लायंस का बोझ कम कर रही है। टैक्सेशन, लेबर कोड और गवर्नेंस में नेक्स्ट-जेनरेशन सुधार लागू किए गए हैं। इन सुधारों से विदेशी कंपनियों के लिए भारत में इन्वेस्ट करना आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र को अपनाकर अपने पूरे इकोनॉमिक स्ट्रक्चर को बदल दिया है। इसीलिए भारत का इकोनॉमिक DNA चेंज (India Economic DNA Change) अब दुनिया की बड़ी इकोनॉमी के लिए एक केस स्टडी बन गया है।
शिपबिल्डिंग और ग्रीन एनर्जी में बड़े मौके
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की कंपनियों को शिपबिल्डिंग, MRO, ग्रीन शिपिंग और मैरीटाइम सर्विसेज में इन्वेस्ट करने के लिए इनवाइट किया। उन्होंने कहा कि अभी नॉर्वे के लगभग 10 परसेंट जहाज भारत में बनते हैं, और अगले पांच सालों में इसे 25 परसेंट तक बढ़ाने का टारगेट है। PM मोदी ने कहा कि भारत ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और ऑफशोर विंड एनर्जी के फील्ड में तेजी से उभर रहा है। भारत के इकोनॉमिक DNA चेंज (India Economic DNA Change) का असर अब मैन्युफैक्चरिंग और क्लीन एनर्जी सेक्टर में साफ दिख रहा है।
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रिसर्च और स्टार्टअप इकोसिस्टम पर जोर
PM मोदी ने कहा कि भारत और नॉर्वे का रिश्ता अब सिर्फ ट्रेड तक ही सीमित नहीं रहेगा। दोनों देश ‘लैब टू लैब,’ ‘यूनिवर्सिटी टू यूनिवर्सिटी,’ और ‘साइंटिस्ट टू साइंटिस्ट’ पार्टनरशिप पर काम कर रहे हैं। इससे रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होंगे। उन्होंने नॉर्वे के बिज़नेस लीडर्स से अपने विजन और एम्बिशन को बढ़ाने और भारत में नए मौके तलाशने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि भारत के इकोनॉमिक DNA चेंज (India Economic DNA Change) ने देश को दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला इनोवेशन हब बना दिया है।
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$200 बिलियन की कंपनियों ने लिया हिस्स
मीटिंग में एनर्जी, मैरीटाइम, हेल्थकेयर, रोबोटिक्स, फूड सिक्योरिटी और इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बड़ी कंपनियों के CEO और सीनियर एग्जीक्यूटिव शामिल हुए। इन कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू लगभग $200 बिलियन होने का अनुमान है। इक्विनोर, यारा इंटरनेशनल, DNV, BW LPG, जोटुन और कोंग्सबर्ग जैसी बड़ी कंपनियों ने भारत में इन्वेस्ट करने और पार्टनरशिप करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सालों में भारत का इकोनॉमिक DNA चेंज (India Economic DNA Change), ग्लोबल इकोनॉमिक पावर के तौर पर भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा।
भारत एक भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर बना
अपने भाषण के आखिर में, PM मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ एक बड़ा मार्केट ही नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद इकोनॉमिक पार्टनर भी है। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में, भारत और नॉर्वे मिलकर ग्रीन टेक्नोलॉजी, मैरीटाइम सर्विसेज और रिसर्च सेक्टर में नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकते हैं। भारत की बदलती इकोनॉमिक पॉलिसी और तेजी से हो रहे रिफॉर्म दुनिया भर की बड़ी कंपनियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। यही वजह है कि भारत का इकोनॉमिक DNA चेंज (India Economic DNA Change) अब ग्लोबल बिजनेस की दुनिया में चर्चा का एक हॉट टॉपिक बन गया है।

