Bihar Assembly Election 2025: Prashant Kishor in deep trouble ahead of Bihar elections! New revelations spark uproar

Bihar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले जन सुराज पार्टी के प्रमुख और मशहूर रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) बड़ी परेशानी में आ गए हैं। खबर है कि उनका नाम बिहार और पश्चिम बंगाल, दोनों राज्यों की वोटर लिस्ट में दर्ज है। इस खुलासे के बाद राजनीति में हलचल मच गई है।
पढ़ें: कौन हैं सीमांचल का शेर ? जिसने RJD-कांग्रेस की उड़ा दी नींद !
क्या है पूरा मामला?
6 नवंबर को बिहार में पहले चरण की वोटिंग होने वाली है। लेकिन वोटिंग से पहले ही यह मामला सामने आया है कि प्रशांत किशोर का नाम दो अलग-अलग राज्यों की वोटर लिस्ट में पाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कोलकाता के 121, कालीघाट रोड पते पर उनका नाम दर्ज है। यह वही पता है, जहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) का ऑफिस है। यह इलाका भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का क्षेत्र है।
बिहार में भी हैं वोटर
इतना ही नहीं, प्रशांत किशोर का नाम बिहार के रोहतास जिले के कोंअर गांव की वोटर लिस्ट में भी दर्ज है। यह उनका पैतृक गांव है, जो करगहर विधानसभा क्षेत्र के अंदर आता है। यहां उनका मतदान केंद्र माध्य विद्यालय, कोंअर बताया गया है।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
कानून क्या कहता है?
भारत के जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार, किसी व्यक्ति का नाम एक से ज्यादा जगह वोटर लिस्ट में नहीं हो सकता। अगर कोई व्यक्ति अपना निवास स्थान बदलता है, तो उसे Form 8 भरकर पुराने स्थान से नाम हटवाना होता है। यानि अगर प्रशांत किशोर ने बिहार में नया कार्ड बनवाया, तो उन्हें बंगाल वाला नाम हटवाना ज़रूरी था।
पीके की टीम ने क्या कहा?
प्रशांत किशोर ने अब तक इस विवाद पर कुछ नहीं कहा है। लेकिन उनकी टीम के एक सदस्य ने बताया कि “बंगाल चुनाव के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार में वोटर कार्ड बनवाया था और बंगाल वाला कार्ड रद्द करने के लिए आवेदन भी दिया था।”
हालांकि यह साफ नहीं हुआ है कि बंगाल की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा या नहीं।
टीएमसी और सीपीएम की प्रतिक्रिया
ममता बनर्जी की भाभी और भवानीपुर की पार्षद काजरी बनर्जी ने कहा कि 121 कालीघाट रोड टीएमसी का दफ्तर है।
उन्होंने कहा “किशोर यहां काम के सिलसिले में आते थे, लेकिन यह नहीं कह सकती कि उन्होंने यहीं से वोटर कार्ड बनवाया था या नहीं।”
वहीं, सीपीएम ने दावा किया कि उसने पहले ही चुनाव आयोग को इस बारे में शिकायत दी थी। सीपीएम नेता बिस्वजीत सरकार ने बताया “हमने आयोग से कहा था कि किशोर यहां के निवासी नहीं हैं, इसलिए उनका नाम हटाया जाए।”
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
चुनाव आयोग की सफाई मुहिम
हाल ही में चुनाव आयोग ने पूरे देश में वोटर लिस्ट की जांच शुरू की है, ताकि ऐसे डुप्लिकेट वोटरों की पहचान की जा सके।
सिर्फ बिहार में ही अब तक 68.66 लाख नाम हटाए गए हैं, जिनमें करीब 7 लाख वोटर ऐसे थे जिनके नाम दो जगह दर्ज थे।
चुनाव से पहले बढ़ी परेशानी
चुनाव से पहले यह मामला प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
अगर यह साबित होता है कि उन्होंने जानबूझकर दो राज्यों में नाम दर्ज करवाया, तो चुनाव आयोग उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकता है और उन्हें अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशांत किशोर इस विवाद पर क्या जवाब देते हैं और उनकी पार्टी इस संकट से कैसे निपटती है।

