India-US Trade War: इतनी जल्दी माफ नहीं कर सकते… बड़बोले ट्रंप के बदले सुर पर शशि थरूर ने सरकार को चेताया
India-US Trade War: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ वॉर ने रिश्तों में खटास ला दी है। हालांकि, इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की, जिसके कुछ ही घंटों बाद पीएम मोदी ने जवाब देते हुए ट्रंप के सकारात्मक रुख की तारीफ की। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई इस पहल पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत तेजी से प्रतिक्रिया दी, लेकिन दोनों देशों की सरकारों और राजनयिकों को कुछ गंभीर सुधार करने की जरूरत है।
थरूर ने ट्रम्प के बदले हुए लहजे का स्वागत किया और कहा कि भारतीयों को जो परिणाम भुगतने पड़े हैं, उसे देखते हुए ट्रम्प द्वारा पहुंचाई गई चोट और अपमान को इतनी आसानी से माफ नहीं किया जा सकता।
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ट्रंप के बयानों से पहुंची भारत को ठेस – थरूर
थरूर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री ने बहुत तेजी से प्रतिक्रिया दी और विदेश मंत्री ने भी बुनियादी संबंधों के महत्व को रेखांकित किया, जो एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है और अभी भी मौजूद है। यह संदेश हमारे लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। मुझे लगता है कि दोनों पक्षों की सरकारों और राजनयिकों को कुछ गंभीर सुधार करने की आवश्यकता है। मैं इस नए दृष्टिकोण का सावधानी से स्वागत करता हूं। कोई भी इतनी आसानी से भूल और माफ नहीं कर सकता, क्योंकि भारतीयों को जमीनी स्तर पर वास्तविक परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं और उन्हें उनसे उबरना होगा।”
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हम 50 प्रतिशत टैरिफ या राष्ट्रपति और उनके कर्मचारियों द्वारा इसके दुरुपयोग को पूरी तरह से भूल सकते हैं। ट्रंप का स्वभाव बहुत ही अस्थिर है और उन्होंने जो कुछ कहा है, उससे हमारा देश आहत और क्रोधित हुआ है। 50 प्रतिशत टैरिफ के वास्तव में पहले ही दुष्परिणाम सामने आ चुके हैं।”
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भारत ने पूरे मामले में दिखाई परिपक्वता
रूस के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों पर अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए थरूर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें माफी मांगने की जरूरत है। भारत ने इस पूरे मामले को बहुत परिपक्वता से संभाला है। यह भी न भूलें कि रूस और तेल के साथ व्यापार को वास्तव में पिछली अमेरिकी सरकारों ने समर्थन दिया था, उन्होंने वैश्विक तेल की कीमतों को स्थिर करने के लिए हमसे कुछ रूसी तेल खरीदने का अनुरोध किया था। दूसरी बात, चीन हमसे ज्यादा रूसी तेल और गैस खरीदता है। तुर्की हमसे ज्यादा रूसी तेल और गैस खरीदता है। यूरोप तेल और गैस नहीं खरीदता, लेकिन वे अन्य रूसी उत्पाद खरीदते हैं, इसलिए वे रूस के खजाने में हमसे ज्यादा अरबों डॉलर डाल रहे हैं।”
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ट्रंप के बयान के बाद पीएम मोदी ने क्या कहा?
इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को बेहद खास रिश्ता बताते हुए कहा था कि वह और प्रधानमंत्री मोदी हमेशा दोस्त रहेंगे, चिंता की कोई बात नहीं है। ट्रंप के बयान के बाद पीएम मोदी ने ट्विटर पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “मैं राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे संबंधों के उनके सकारात्मक आकलन की गहराई से सराहना करता हूं और उसका पूरा समर्थन करता हूं। भारत और अमेरिका के बीच बहुत ही सकारात्मक, दूरदर्शी, व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।”

