Shravan Singh National Child Award: ऑपरेशन सिंदूर का नन्हा नायक, 10 वर्षीय श्रवण सिंह को मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

Shravan Singh National Child Award: पंजाब के फिरोजपुर जिले के ममदोट क्षेत्र के रहने वाले श्रवण सिंह ने बेहद कम उम्र में देशभक्ति और सेवा का ऐसा उदाहरण पेश किया, जो हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। जब पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, तब श्रवण ने बिना किसी डर के सैनिकों की मदद करने का फैसला किया।
घर से सरहद तक सेवा
श्रवण रोज़ अपने घर से दूध, चाय, छाछ, बर्फ और रोटी लेकर सरहद पर तैनात जवानों के पास जाता था। उसका मानना था कि देश की रक्षा करने वाले सैनिकों की सेवा करना भी देश सेवा का ही एक रूप है। श्रवण के पिता सोना सिंह, मां संतोष रानी, बहन सजना रानी और दादा छिंदा सिंह ने उसके इस जज़्बे में हमेशा साथ दिया।
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राष्ट्रपति के हाथों मिला सम्मान
दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्रवण को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। पुरस्कार पाने के बाद श्रवण ने कहा, ‘मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे इतना बड़ा सम्मान मिलेगा। सैनिकों की सेवा करके मुझे बहुत खुशी मिलती थी।’
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सेना का सहयोग और भविष्य की उम्मीद
भारतीय सेना पहले ही श्रवण को सम्मानित कर चुकी है और उसकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाने का संकल्प ले चुकी है। गोल्डन एरो डिवीजन ने भी उसकी पढ़ाई और इलाज की जिम्मेदारी ली है। श्रवण शुगर की बीमारी से पीड़ित है, जिसका इलाज सेना करवा रही है। वह सिटी हार्ट स्कूल, ममदोट में कक्षा 4 का छात्र है और बड़ा होकर खुद फौजी बनना चाहता है।
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पंजाब और देश को गर्व
मुख्यमंत्री भगवंत मान और फिरोजपुर की डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा ने श्रवण को बधाई देते हुए इसे पूरे पंजाब और देश के लिए गर्व का क्षण बताया। श्रवण सिंह आज सिर्फ एक बच्चा नहीं, बल्कि साहस, सेवा और देशप्रेम का प्रतीक बन चुका है।

