SLeeping Problem: Why does sleep wake up several times in the night, know its cause and prevention
Interrupted Sleep : आजकल हर किसी को नींद(Sleep) की समस्या (Problem) रहती है। कभी या तो नींद अति नहीं है या फ़िर कभी नींद बिच में टूट जाती है। या फ़िर कभी अचानक से रात में नींद खुल जाती है। ऐसा बहुत लोगों के साथ होता है । वह गहरी नींद(sleep)में सो रहे होते है और उनकी नींद अचानक से टूट जाती है कई बार तो लोगों को यह याद भी नहीं रहता कि वे रात में उठे थे। यह बहुत आम से स्थिति है।
कई बार लोग नींद से जागने पर सोचने लगते हैं कि वे क्यों जागे हैं या कितनी देर सोए हैं। वे यह भी तय करते हैं कि उन्हें कितनी देर और सोना है और कब जागना है। येल मेडिसिन में स्लीप एक्सपर्ट ( Sleep Expert at Yale Medicine) का मानना हैं कि बड़े लोग रात में अक्सर दो से छह बार तक जागते हैं। इस दौरान वे किसी विवाद या काम से जुड़ी चिंता में डूब जाते हैं। इसलिए उन्हें सतर्क रहना जरूरी होता है।
मिली जानकारी के मुताबिक, अगर अचानक नींद खुल जाए तो 15-20 मिनट दोबारा सोने की कोशिश करें। फिर भी नींद न आए तो बिस्तर से उठ जाएं और घर में शांत जगह पर बैठकर किताब पढ़ें(Read Books) , पजल सॉल्व(Puzzleslove) करें या ऑडियो बुक(Audiobook) सुनें। आधे घंटे ऐसा करने से नींद आने लगेगी। व्यर्थ की चिंता में न उलझें, इससे नींद और खराब हो जाती है।
नींद की समस्या रात के खाने की गड़बड़ी से भी हो सकती है। इसलिए रात में बहुत देर से या ज्यादा खाना न खाएं। यह पाचन प्रक्रिया को सही रखता है। मसालेदार और वसायुक्त खाने से परेशानी बढ़ती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने से 3 घंटे पहले हल्का खाना खाएं। रात को भूख लगे तो स्नैक्स से बचें, पीनट बटर टोस्ट या ओट्स कुकीज ले सकते हैं। ध्यान रखें कि कैफीन और अल्कोहल वाली चीजों का सेवन दोपहर के बाद न करें, यह बेहतर होगा।
नींद न आने पर मोबाइल या अन्य डिवाइस का उपयोग करना लंबे समय तक जगाए रख सकता है। रिलैक्स होने के लिए मेलाटोनिन का उत्पादन रोशनी से बाधित होता है। फोन पर बार-बार समय न देखें। अगर फोन देखने का मन करे तो उसे बेड से या रूम से दूर रखें ताकि फोन का उपयोग करने से बच सकें।
व्यायाम और शारीरिक सक्रियता से नींद बेहतर होती है। लेकिन अगर रात में कई बार नींद खुलती है तो शाम को वर्कआउट न करें। विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे हार्ट रेट और शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जो नींद पर असर डालता है।
नोट: यह लेख रिसर्च (research) रिपोर्टस मेडिकल रिपोर्ट (medical report) से जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

