UP Hardoi News: हरदोई में एसपी नीरज जादौन के आवास के बाहर से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसको देखकर हर कोई पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। कासिमपुर पुलिस की कार्यशैली से नाराज मृतक के परिजन मृतक का शव लेकर एसपी आवास पहुंचे और एसपी आवास के बाहर गेट पर ही शव रखकर न्याय की गुहार लगाने लगे। इस दौरान वहां मौजूद पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं को वहां से हटाने के लिए उनका हाथ पकड़ कर उन्हे खींचते दिखे। जबकि वहां पर कोई भी महिला पुलिसकर्मी नजर नहीं आई। इतना ही नहीं स्ट्रेचर पर रखे शव को वहां से हटाने के लिए पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच जमकर खींचतान भी हुई जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
दरअसल, हरदोई की कासिमपुर थाना क्षेत्र के महमूदपुर धतिगड़ा गांव में बीते 1 सितंबर को नरेगा का पैसा निकलवाने को लेकर प्रधान पति निरंजन व स्थानीय निवासी रतिराम के बीच विवाद हो गया था। जिसके बाद प्रधान पति निरंजन ने अपने पुत्रों के साथ मिलकर रतिराम की पिटाई कर दी थी। जिसके बाद परिजन घायल रतिराम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां से उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान रति राम की लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में 8 सितंबर को मौत हो गई। जिसके बाद भी कासिमपुर थाने की बेदर्द पुलिस द्वारा मुकदमा न लिखने और मृतक की जान की कीमत लगाते हुए समझौते का दवाब बनाने का आरोप लगाते हुए परिजन मृतक का शव लेकर एसपी आवास पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। हालांकि देर रात पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।
हरदोई पुलिस अधीक्षक के आवास के बाहर का एक वीडियो वायरल हो रहा है जो मानवता को शर्मसार करने वाला है। प्रधानपति द्वारा की गई पिटाई के बाद इलाज के दौरान हुई मौत के बाद मृतक का शव लेकर परिजन पुलिस आवास पहुंचे और गेट के बाहर शव रख कर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान वहां पर मौजूद पुरुष पुलिसकर्मी महिलाओं का हाथ पड़कर उन्हे जबरन खींचते दिखे जबकि वहां पर महिला पुलिस कर्मियों को होना चाहिए था। इतना ही नहीं पुलिस आवास के बाहर स्ट्रेचर पर रखे शव को स्ट्रेचर सहित अपनी-अपनी ओर खींचते दिखे। पुलिसकर्मी और परिजन शव को लेकर हो रही इस खींच तान और महिलाओं के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों की जबरदस्ती का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर कोई इस वीडियो को देखकर पुलिस कर्मियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि प्रधान द्वारा आए दिन मनरेगा का पैसा उनके खातों में भेजा जाता था, जो की शराब अथवा कुछ पैसे का लालच देकर वापस निकलवा लिया जाता था। लेकिन इस दौरान रतिराम ने नरेगा के इस पैसे में आधा हिस्सा मांगा जो प्रधान पति निरंजन को नागवार लगा और उसने अपने बेटो के साथ मिलकर रतिराम की पिटाई कर दी। इलाज के दौरान रतिराम की मौत हो गई। वहीं नाराज परिजन शव लेकर पुलिस अधीक्षक के आवास पहुंचे तो वहां भी पुलिस कर्मियों द्वारा उनके साथ बदसलूकी देखने को मिली। हालांकि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
मामले में सीओ का कहना है कि, दो पक्षों में विवाद हुआ था। इसके बाद परिजन घायल रतिराम को लेकर इलाज के लिए लखनऊ चले गए थे जहां उसकी मौत हो गई। वहीं प्रधान पक्ष की तहरीर पर मृतक रतिराम और उसके परिजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। वहीं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अब दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

