The suspense over the new Chief Minister of Maharashtra is on the verge of ending, big leaders of Mahayuti had an important meeting with Amit Shah in Delhi
Suspense over the new Chief Minister of Maharashtra: महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस जल्द खत्म होने वाला है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर महायुति गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक में कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता अजित पवार मौजूद थे। साथ ही, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस बैठक का हिस्सा रहे। इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि महाराष्ट्र में जल्द ही नई सरकार का गठन हो सकता है।
कौन बनेगा महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री?
बैठक के बाद अभी तक किसी औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों की मानें तो देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि, बीजेपी कुछ मराठा नेताओं के नामों पर भी विचार कर रही है। मुख्यमंत्री पद के चयन में जातिगत समीकरण की बड़ी भूमिका है क्योंकि महाराष्ट्र विधानसभा के 288 विधायकों में से अधिकांश मराठा समुदाय से हैं।
बैठक का एजेंडा और संभावित समझौता
देर रात दो बजे तक बैठक चली, जिसमें महायुति के नेताओं ने सरकार गठन और मंत्री पदों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा की। अजित पवार ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और गठबंधन की शानदार जीत पर बधाई दी। इस दौरान एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और शिवसेना के नेता भी मौजूद थे।
रामदास अठावले ने किया फडणवीस का समर्थन
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाए जाने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि फडणवीस को फिर से मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर बीजेपी नेतृत्व एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला करता है, तो वे उसका भी समर्थन करेंगे।

2 दिसंबर तक बन सकती है नई सरकार
महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चा जोरों पर है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि 2 दिसंबर तक नई सरकार का गठन हो सकता है। बैठक में अमित शाह के आवास पर गठबंधन के मंत्री पदों को लेकर भी बातचीत हुई। महायुति ने विधानसभा चुनाव में 288 में से 230 सीटों पर जीत हासिल की थी। बीजेपी ने 132 सीटों पर, शिवसेना ने 57 और एनसीपी ने 41 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
शिंदे की भूमिका पर सवाल
कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कहा है कि वह बीजेपी के फैसले का सम्मान करेंगे। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि शिंदे उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार करने के इच्छुक नहीं हैं। शिवसेना के प्रवक्ता संजय शिरसाट ने भी कहा कि शिंदे शायद उपमुख्यमंत्री नहीं बनना चाहेंगे, लेकिन वे मंत्रिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं।
श्रीकांत शिंदे का बयान
शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने अपने पिता एकनाथ शिंदे की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन कर उदाहरण पेश किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उनके पिता ने व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से ऊपर उठकर गठबंधन की एकता बनाए रखी।
महायुति की मजबूती
महायुति गठबंधन की इस जीत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में स्थिरता की उम्मीद की जा रही है। बीजेपी, शिवसेना, और एनसीपी का यह गठबंधन महाराष्ट्र में विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) पर भारी पड़ा है। एमवीए ने सिर्फ 46 सीटें ही जीत पाईं। अब सभी की नजरें महायुति के अगले कदम पर हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में यह फैसला आने वाले कई सालों तक असर डालेगा।

