"ये मुझे जहर दे देंगे" वायरल हो रही अंसारी की चिट्ठी, कितना हकीकत कितनी राजनीति?
Mukhtar ansari death news Highlights Today: गैंगस्टर और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की 28 मार्च की देर रात मौत हो गई। उल्टी की शिकायत के बाद उन्हें बांदा जेल से बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। 9 डॉक्टरों की टीम ने मुख्तार को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। मुख्तार अंसारी ने अपने विदाई पत्र में क्या लिखा, जानने के लिए वीडियो देखें।
मुख्तार ने अपनी मौत से एक हफ़्ते पहले चिट्ठी में क्या लिखा था?
“ज़हर देकर मारने की कोशिश।” मुख्तार अंसारी ने अपनी चिट्ठी में कई नामी हस्तियों पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा, “बीजेपी सरकार के दौरान जेलों के अंदर कई लोगों की हत्या की गई।”

माफिया से नेता बने और पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी ने एक चिट्ठी सामने आई है, जिसके लीक होने के बाद ही हड़कंप मच हुआ है। मुख्तार ने यह चिट्ठी अपनी मौत से करीब एक हफ्ते पहले बांदा जेल से भेजी थी। मुख्तार ने अपनी चिट्ठी में जेल प्रबंधन पर खाने में जहर मिलाने (बांदा जेल में जहर मिलाने) का आरोप लगाया है। मुख्तार ने सुरक्षा की भी मांग की है और उचित कार्रवाई का अनुरोध किया है। चिट्ठी में अन्य नामचीन लोगों का भी जिक्र है।
21 मार्च को मुख्तार अंसारी ने मऊ कोर्ट में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर कहा,
“19 मार्च की शाम को जेल प्रशासन ने मुझे खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की। इससे पहले बांदा जेल में ही दो बार मेरी हत्या की साजिश रची गई थी।”

पत्र में अंसारी कई बड़े नेताओं का जिक्र किया है
मुक्तर अंसारी अपने पत्र में आगे लिखता है की “सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, एमएलसी बृजेश सिंह, भाजपा विधायक सुशील सिंह, पूर्व एसटीएफ आईजी अमिताभ यश और उत्तर प्रदेश के प्रमुख गृह सचिव सभी इस हत्याकांड में शामिल हैं। सरकार ने इन लोगों को हत्या के बाद कानूनी कार्रवाई से बचाने का भी वादा किया है। भाजपा शासन में जेल में कई लोगों की हत्या हुई है। इस मामले में आरोपियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।”
मुख्तार अंसारी के वकील ने 21 मार्च को बाराबंकी के एमपी एमएलए कोर्ट में लिखित अर्जी दाखिल की। उस बयान मिस बात का जिक्र किया गया था की मुख्तार अंसारी को भी जहर दिया जा सकता है। मामले में जांच और सुरक्षा की जरूरत है।
मुख्तार के भाई और बीएसपी सांसद अफजाल अंसारी ने भी एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए बताया कि मुख्तार के खाने में कोई जानलेवा पदार्थ मिलाया गया था। इस बीच, अंसारी के बेटे उमर अंसारी ने कहा है कि वह इस मामले को अदालत में ले जाएंगे। उमर ने संवाददाताओं से कहा
“मुझे प्रशासन से कोई सूचना नहीं मिली। मीडिया ने मुझे इसकी जानकारी दी। मैंने दो दिन पहले उनसे मिलने का प्रयास किया था, लेकिन मुझे मिलने नहीं दिया गया। हमने पहले ही कहा है, और आज भी दोहराएंगे कि उन्हें धीरे-धीरे जहर दिया गया। 19 मार्च की रात को उनके खाने में जहर मिला था। हम अदालत जाएंगे। हमें अदालतों पर पूरा भरोसा है।”
सूत्रों के मुताबिक मुख्तार अंसारी को दिल का दौरा पड़ा था। 29 मार्च को मुख्तार अंसारी के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों का पैनल करेगा। इस पैनल में एक कार्डियोलॉजिस्ट, एक सर्जन और एक डॉक्टर शामिल होंगे।

