
UP Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने खुद को जज बताकर बैंक से 35 लाख रुपये का लोन लेने की कोशिश की। लेकिन बैंक अधिकारियों की सतर्कता ने उसकी चालाकी का भांडा फोड़ दिया। पुलिस ने महिला को एक वकील और ड्राइवर सहित गिरफ्तार कर लिया है।
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लोन पास कराने पहुंची “फर्जी महिला जज”
मामला कोतवाली शहर क्षेत्र के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी बैंक का है। शुक्रवार दोपहर एक महिला बैंक में पहुंची। उसने खुद को जज बताते हुए 35 लाख रुपये का लोन पास कराने की बात कही।
महिला ने अपने साथ कई डॉक्यूमेंट्स और एक पहचान पत्र भी दिखाया, जिसमें उसे “न्यायाधीश” बताया गया था। बैंक कर्मचारियों ने शुरू में उसे सामान्य ग्राहक की तरह ट्रीट किया, लेकिन उसके तौर-तरीकों और दस्तावेज़ों को देखकर उन्हें कुछ गड़बड़ लगी।
बैंक मैनेजर ने पकड़ी चालबाजी
बैंक मैनेजर ने महिला के दस्तावेजों को ध्यान से जांचा और पाया कि आईडी कार्ड व स्टेटमेंट संदिग्ध हैं।
महिला ने जिस लोन प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था, उसमें कई जगहों पर ग़लत जानकारी दी गई थी।
मैनेजर को शक हुआ कि मामला कुछ बड़ा है, इसलिए उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
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पुलिस ने महिला, वकील और ड्राइवर को लिया हिरासत में
सूचना मिलते ही कोतवाली शहर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बैंक में मौजूद महिला को हिरासत में ले लिया।
इसके साथ ही वहां मौजूद एक वकील और ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया गया, जो उसी के साथ आए थे। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया जिस पर “न्यायाधीश” लिखा हुआ था। तीनों को थाने लाकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
पुलिस जांच में निकल रही चौंकाने वाली बातें
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार महिला रामपुर की रहने वाली है और कुछ समय से बिजनौर में रह रही थी। वह खुद को जज के पद पर तैनात बताकर लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी। बैंक से लोन पास करवाने के लिए उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि महिला ने अपने साथ आए वकील और ड्राइवर को भी भरोसे में लिया था ताकि उसकी पहचान पर कोई सवाल न उठे।
बैंक की सतर्कता से बचा लाखों का नुकसान
एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने सतर्कता दिखाते हुए पुलिस को समय रहते सूचना दी।
अगर पुलिस देरी से पहुंचती, तो बैंक को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला ने यह फर्जीवाड़ा किसी बड़े गैंग के साथ मिलकर किया या अकेले।
वहीं बैंक अधिकारी भी राहत महसूस कर रहे हैं कि उनकी सूझबूझ से एक बड़ा फ्रॉड टल गया।
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पुलिस ने कहा – जांच जारी है
बिजनौर एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार,“महिला ने खुद को जज बताकर बैंक को धोखा देने की कोशिश की थी। फिलहाल तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। दस्तावेजों की जांच की जा रही है और मामले की सच्चाई जल्द सामने आएगी।”
पूरे जिले में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद बिजनौर शहर में हड़कंप मच गया है। लोगों में यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर कोई महिला इतनी हिम्मत कैसे कर सकती है कि जज बनकर बैंक को ठगने पहुंच जाए। पुलिस अब महिला के मोबाइल, दस्तावेज़ और कार के जरिए उसके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
बिजनौर की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि फर्जीवाड़े के नए-नए तरीके अब सीधे सरकारी पदों की नकल तक पहुंच चुके हैं।
लेकिन बैंक कर्मचारियों की समझदारी और पुलिस की तत्परता से एक बड़ा अपराध होने से पहले ही नकाब उठ गया।

