
Up Bijnor News: बिजनौर जिले के नजीबाबाद क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अब गुलदार को ट्रांक्विलाइज (बेहोश करके पकड़ने) की अनुमति मिल गई है। यह परमिशन लखनऊ स्थित मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक (चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन) द्वारा दी गई है। इसके बाद वन विभाग और विशेषज्ञों की टीम ने अभियान शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों की देखरेख में अभियान
गुलदार को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ और डॉक्टर दक्ष गंगवार की अगुवाई में पूरा ऑपरेशन चल रहा है। इसके साथ ही पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर और मुरादाबाद परिक्षेत्र के वन संरक्षक भी मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने खुद कैड़िया रेंज और उसके आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया।
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किन इलाकों में हो रही सर्चिंग
शनिवार, 13 सितंबर 2025 को कैड़िया रेंज के अंतर्गत नया गांव, कांडरा बाली बढ़ियावाला और मथुरापुर मोड़ के आसपास अभियान चलाया गया। इस दौरान इलाके में लगाए गए 6 पिंजरों की जांच की गई, थर्मल ड्रोन से सर्चिंग की गई, और गुलदार की मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए टीम को तैनात किया गया।
वन विभाग ने एक अलग कूबिंग और ट्रैकिंग टीम भी बनाई है, जो लगातार नया गांव में कैंप करके इस गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
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मौके पर मौजूद अधिकारी
रेस्क्यू ऑपरेशन में एसडीओ बिजनौर ज्ञान सिंह, कौड़िया रेंज और साहनपुर के क्षेत्रीय अधिकारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ और डॉक्टर दक्ष गंगवार सहित कई वन्य जीव चिकित्सक मौजूद रहे।
टीम को मिले खास निर्देश
मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने साफ निर्देश दिए हैं कि तीन दिन के भीतर इस गुलदार को हर हाल में पकड़ा जाए। इसके अलावा संवेदनशील गांवों में सुबह-शाम गश्त (पेट्रोलिंग) जारी रहे, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए, और जहां खतरा ज्यादा है, वहां ओपन बैटिंग की व्यवस्था की जाए ताकि कोई जनहानि न हो सके।
नजीबाबाद में कैंप करेगी टीम
गुलदार को ट्रांक्विलाइज़ करने के लिए बनाई गई विशेष टीम पहले ही नजीबाबाद पहुंच चुकी है। यह टीम यहीं रहकर लगातार प्रयास करेगी और तब तक काम जारी रहेगा जब तक गुलदार को सुरक्षित पकड़कर ले जाया नहीं जाता।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
पिछले कुछ दिनों से गुलदार की गतिविधियों से नजीबाबाद और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल था। कई बार इसके दिखने की घटनाओं ने लोगों को असुरक्षित महसूस कराया। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब इस रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है।
नजीबाबाद में चल रहा यह रेस्क्यू अभियान प्रशासन और वन विभाग की गंभीरता को दिखाता है। विशेषज्ञों की टीम लगातार मौके पर मौजूद है और जल्द ही उम्मीद है कि गुलदार को सुरक्षित पकड़ लिया जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और जनहानि का खतरा भी खत्म हो जाएगा।
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