In Ghaziabad police station Kaushambi area, the protectors of law became predators, 32 lakhs were recovered from the businessman's wife in a false rape case, policemen were found guilty in the investigation
Up Ghaziabad News: गाजियाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला कर्मचारी ने अपने करोड़पति बॉस पर झूठा रेप का आरोप लगाकर न केवल उसे जेल भिजवाया, बल्कि पुलिस की मिलीभगत से 32 लाख रुपये भी वसूल लिए।
झूठे आरोप की परतें खुलीं
आरोप लगाने वाली महिला कर्मचारी खुद गर्भवती थी और गर्भपात करवाना चाहती थी। इसके लिए उसने अपने बॉस पर रेप का झूठा मामला दर्ज कराया। भारत के कानून के अनुसार, रेप पीड़िता का 24 सप्ताह तक का गर्भ गिराया जा सकता है। महिला ने इस नियम का फायदा उठाकर 22 सप्ताह के गर्भ को खत्म करने की योजना बनाई।
5 करोड़ की डिमांड और ब्लैकमेलिंग का खेल
महिला ने कारोबारी से 5 करोड़ रुपये की मांग की और पहले उसके फ्लैट में स्पाई कैमरा लगाने की कोशिश की। जब कारोबारी ने उसके वित्तीय घोटालों की शिकायत करने की योजना बनाई, तो उसने रेप के झूठे आरोप लगाकर कारोबारी को जेल भिजवा दिया।
जांच में खुला सच
कारोबारी ने जेल में तीन महीने बिताने के बाद गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर से मामले की निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई। एसआईटी जांच में यह साबित हुआ कि रेप का मामला पूरी तरह फर्जी था।
पुलिस की संदिग्ध भूमिका
मामले में शामिल दो इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर ने झूठे आरोपों की जांच में लापरवाही बरती और कारोबारी की पत्नी से धाराएं कम करने के नाम पर 32 लाख रुपये ऐंठ लिए। हालांकि, दोषी पाए जाने के बावजूद इन पुलिसकर्मियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
कारोबारी को न्याय, लेकिन पुलिस पर सवाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कारोबारी को जमानत दी और फरवरी 2024 में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। बावजूद इसके, पुलिस की अनियमितताओं को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

