Uttarakhand Cooperative Fair : सीएम धामी का सख्त संदेश, सांस्कृतिक मूल्यों पर समझौता नहीं, सभी जिलों में प्रमाणपत्र सत्यापन तेज

Uttarakhand Cooperative Fair: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और जनसांख्यिकीय संतुलन के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। हल्द्वानी में आयोजित सात दिवसीय सहकारिता मेले में पहुंचे सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि पिछले 10 वर्षों में जारी सभी स्थायी निवास प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच पूरे राज्य में तेज गति से चल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां भी गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा मिलेगा, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए सत्यापन अभियान लगातार जारी है।
सहकारिता मेला 2025, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
एमबी इंटर कॉलेज मैदान, हल्द्वानी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 के उपलक्ष्य में आयोजित मेले में मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया। उन्होंने पशुपालन और सब्जी उत्पादन में कार्यरत SHG समूहों को 16.97 करोड़ रुपये, तथा NRLM स्वयं सहायता समूहों को 75.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। यह आर्थिक समर्थन ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में मौजूद हजारों की भीड़ ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 2025 को अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है, जो दुनिया में सहकारिता आंदोलन के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी सहकारिता क्षेत्र को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य की सभी 671 सहकारी समितियों के पूर्ण डिजिटल होने को उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया, जिससे ग्रामीणों को पारदर्शी और तेज सेवाएं मिल रही हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि 24 समितियां जन औषधि केंद्र के रूप में कार्य कर रही हैं, जबकि 640 समितियां कॉमन सर्विस सेंटर बनकर बीमा, पेंशन, आधार, बैंकिंग और अन्य सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचा रही हैं। राज्य की 5511 समितियों में से 3838 का डेटा राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस पर अपलोड किया जा चुका है, जिससे पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ी हैं।
किसानों, डेयरी और मत्स्य समितियों को मिला बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि फरवरी 2023 से अब तक staat में 800 नई PACS, 248 नई डेयरी समितियां, और 116 मत्स्य समितियां स्थापित की गई हैं। यह कदम कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में मंडुवा खरीद दर बढ़ाकर 48.86 रुपये प्रति किलो कर दी गई है, जो मिलेट मिशन को बढ़ावा देने का बड़ा कदम है।
उन्होंने कहा कि “दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना” के तहत किसानों को पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, मत्स्य पालन और फ्लोरीकल्चर के लिए 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। साथ ही 1 लाख रुपये तक के फसली ऋण पर भी ब्याज नहीं लिया जा रहा है।
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महिला सशक्तिकरण, 1.68 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
सीएम धामी ने कहा कि राज्य की महिलाओं की मेहनत और पहल के कारण उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। सहकारिता और पर्यटन आधारित आजीविका मॉडल इन महिलाओं को स्थायी आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेला स्थानीय उत्पादों को मार्केट उपलब्ध कराने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बड़ा योगदान देगा।
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हल्द्वानी के विकास कार्यों का विस्तृत उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने हल्द्वानी के विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि शहर में योग एवं आयुष अस्पताल, अंबेडकर पार्क, ओपन जिम, कैंसर संस्थान, रिंग रोड, बाईपास, मल्टीस्टोरी पार्किंग और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। हल्द्वानी को पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने के लिए कार्य जारी है।
इसके अलावा हल्द्वानी से विभिन्न जिलों और मुंबई के लिए शुरू की गई हवाई और रेल सेवाएँ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रही हैं।
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राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सुरक्षा पर बड़ा जोर
सीएम धामी ने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकीय स्थिति के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण, लव जिहाद, लैंड जिहाद और अवैध मदरसों पर कड़ी कार्रवाई की गई है। अब तक 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि मुक्त कराई गई, 250 अवैध मदरसे सील किए जा चुके हैं तथा मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन कालनेमि” के जरिए सनातन संस्कृति के खिलाफ पाखंड फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। नकल विरोधी कानून को लागू किए जाने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। सरकार भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर दृढ़ है, और 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल भेजे जा चुके हैं।

