Kedarnath Highway landslide near Rampur Market in Rudraprayag threatening nearby buildings(pc- team)
Kedarnath Highway Landslide: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही बारिश ने केदारघाटी के कई संवेदनशील क्षेत्रों की चिंता बढ़ा दी है। Kedarnath Highway Landslide का खतरा रामपुर बाजार के पास लगातार गंभीर होता जा रहा है। जून से सक्रिय भूधंसाव अब सड़क के बड़े हिस्से को प्रभावित कर चुका है और जमीन के खिसकने का दायरा धीरे-धीरे बाजार की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है। ऐसे में स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों को आसपास मौजूद भवनों और दुकानों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
रामपुर बाजार के पास तेजी से बढ़ रहा भूधंसाव
रामपुर बाजार के समीप लंबे समय से जमीन धंसने की समस्या बनी हुई है। बारिश का दौर शुरू होने के बाद स्थिति और बिगड़ती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सड़क के साथ आसपास की जमीन भी लगातार खिसक रही है। Kedarnath Highway Landslide की स्थिति अब केवल यातायात के लिए चुनौती नहीं रह गई है, बल्कि इसका असर बाजार क्षेत्र और वहां बने भवनों पर भी पड़ सकता है।
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स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो भूधंसाव की रफ्तार बढ़ सकती है। उनका मानना है कि समय रहते वैज्ञानिक और स्थायी उपचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में नुकसान का दायरा बढ़ सकता है।
हाईवे का बड़ा हिस्सा भूधंसाव की चपेट में
रामपुर बाजार के समीप हाईवे का आधे से अधिक हिस्सा भूधंसाव से प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। सड़क के किनारे की जमीन लगातार नीचे की ओर खिसक रही है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
केदारनाथ यात्रा मार्ग होने के कारण इस हाईवे का महत्व काफी अधिक है। रोजाना स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही भी इसी मार्ग से होती है। ऐसे में Kedarnath Highway Landslide का बढ़ता खतरा प्रशासन और राजमार्ग विभाग के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है।
सुरक्षा दीवार धंसने के बाद बढ़ी चिंता
भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र में हाईवे की सुरक्षा के लिए पहले सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था। हालांकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई भारी बारिश के बाद यह सुरक्षा दीवार भी धंस गई। इसके बाद से जमीन के खिसकने की समस्या और अधिक गंभीर होने की बात सामने आ रही है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा दीवार के क्षतिग्रस्त होने के बाद पहाड़ी ढलान को रोकने वाली संरचना कमजोर पड़ गई है। बारिश का पानी लगातार जमीन के भीतर जाने से भूधंसाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
व्यापारियों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई
रामपुर बाजार के व्यापारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत या सड़क की ऊपरी सतह को ठीक करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में विशेषज्ञ भू-वैज्ञानिकों की टीम भेजकर विस्तृत सर्वे कराने की मांग की है। इसके साथ ही जमीन के खिसकने के वास्तविक कारणों का पता लगाकर उसी के आधार पर उपचार की योजना तैयार करने की बात कही गई है।
व्यापारियों के मुताबिक, क्षेत्र में drainage system, रिटेनिंग वॉल, रॉक बोल्टिंग और अन्य जरूरी इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल परिस्थितियों के अध्ययन के बाद किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी निर्माण कार्य से पहले जमीन की स्थिरता को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
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एनएच विभाग ने कहा- ट्रीटमेंट का काम जारी
भूधंसाव को लेकर एनएच विभाग की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में भूधंसाव के उपचार का काम किया जा रहा है।
विभाग का कहना है कि जिस स्थान पर जमीन धंस रही है, वहां आवश्यक उपचारात्मक कार्य किए जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय लोग चाहते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए काम की निगरानी और तकनीकी जांच को और मजबूत किया जाए।
भवनों और दुकानों पर भी खतरे की आशंका
रामपुर बाजार के आसपास रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी चिंता अब उनके घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर है। भूधंसाव का दायरा सड़क से आगे बढ़ने पर आसपास बने भवन इसकी चपेट में आ सकते हैं।
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पूर्व ग्राम प्रधान न्यालसू प्रमोद सिंह रावत ने कहा कि क्षेत्र में भूधंसाव तेजी से बढ़ रहा है और सड़क के साथ आसपास बने भवनों पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने प्रशासन और राजमार्ग विभाग से किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बारिश के दौरान जमीन इसी गति से खिसकती रही तो हालात और मुश्किल हो सकते हैं। इसलिए संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था भी तैयार रखी जानी चाहिए।
बारिश ने बढ़ाई पहाड़ी इलाकों की मुश्किल
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान भूस्खलन और भूधंसाव की घटनाएं बढ़ जाती हैं। लगातार बारिश से पहाड़ों की ढलानों में पानी का दबाव बढ़ता है और कमजोर भू-भाग में जमीन खिसकने का खतरा पैदा होता है।
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केदारघाटी में भी कई क्षेत्र पहले से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में रामपुर बाजार के समीप सक्रिय Kedarnath Highway Landslide आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
समय रहते वैज्ञानिक उपचार जरूरी
रामपुर बाजार के मौजूदा हालात ने एक बार फिर पहाड़ी सड़कों की सुरक्षा और वैज्ञानिक निर्माण की जरूरत को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षेत्र का विस्तृत भू-वैज्ञानिक अध्ययन कर स्थायी समाधान तैयार किया जाए।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बारिश के बीच भूधंसाव को और बढ़ने से रोकना और हाईवे के साथ बाजार क्षेत्र को सुरक्षित रखना है। यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो सड़क, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और आसपास रहने वाले लोगों पर मंडरा रहे खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

