Abhishek Sharma batting for Team India during the T20I match against Zimbabwe.(PC- PTI)
Abhishek Sharma: भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज में टीम इंडिया ने भले ही जीत के साथ शुरुआत की हो, लेकिन युवा सलामी बल्लेबाज Abhishek Sharma का प्रदर्शन एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। पहले टी20 मुकाबले में उनसे तेज शुरुआत की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वह सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। उनकी यह नाकामी सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो लगातार खराब फॉर्म अब उनके करियर के लिए चिंता का कारण बनती दिख रही है।
टी20 क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले Abhishek Sharma पिछले कुछ समय से वह निरंतरता नहीं दिखा पा रहे हैं, जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है। यही वजह है कि अब उनकी टीम इंडिया में जगह को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले मुकाबलों में भी उनका बल्ला खामोश रहा तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें टीम से बाहर करना आसान फैसला हो सकता है।
शानदार शुरुआत के बाद क्यों लड़खड़ाया करियर?
कुछ समय पहले तक Abhishek Sharma भारतीय टी20 टीम के सबसे आक्रामक बल्लेबाजों में गिने जा रहे थे। उन्होंने अपनी तेज बल्लेबाजी और बड़े शॉट खेलने की क्षमता से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया था। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम इंडिया में लगातार मौके मिले और उन्होंने कई अहम पारियां भी खेलीं।
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हालांकि, 2026 उनके लिए अब तक निराशाजनक साबित हुआ है। लगातार खराब शुरुआत और छोटी पारियों ने उनकी बल्लेबाजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती ओवरों में विकेट गंवाने की उनकी आदत टीम के लिए भी नुकसानदायक साबित हो रही है।
2026 के आंकड़े बढ़ा रहे चिंता
अगर इस साल के टी20 आंकड़ों पर नजर डालें तो Abhishek Sharma ने 21 पारियों में करीब 504 रन बनाए हैं। उनका औसत लगभग 25.2 रहा है, जो एक शीर्ष क्रम के आक्रामक बल्लेबाज के लिए अपेक्षा से काफी कम माना जा रहा है।
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस दौरान वह 11 बार 10 रन से पहले आउट हुए हैं, जिनमें 6 बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटना भी शामिल है। लगातार फ्लॉप शुरुआत किसी भी ओपनर के लिए बड़ा खतरा मानी जाती है, क्योंकि टीम शुरुआती ओवरों में तेज रन बनाने की उम्मीद करती है।
हालांकि उन्होंने सात पारियों में 40 से अधिक रन बनाए, लेकिन उन पारियों के बीच लगातार असफलताओं ने उनकी लय को प्रभावित किया है।
ICC रैंकिंग पर भी पड़ा असर
खराब प्रदर्शन का असर अब Abhishek Sharma की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग पर भी दिखाई देने लगा है। कुछ समय पहले तक वह टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बने हुए थे, लेकिन लगातार खराब पारियों के कारण अब वह दूसरे स्थान पर खिसक चुके हैं।
अगर आने वाले मुकाबलों में भी वह बड़ा स्कोर बनाने में सफल नहीं होते हैं तो उनकी रैंकिंग में और गिरावट आ सकती है। किसी भी खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, बल्कि यह उसकी निरंतरता का भी प्रमाण होती है।
टीम इंडिया में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
भारतीय क्रिकेट टीम में इस समय युवा खिलाड़ियों की लंबी कतार है। ऐसे में किसी भी खिलाड़ी के लिए लगातार खराब प्रदर्शन करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
पहले टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शानदार अर्धशतक लगाकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। इसके अलावा प्रभसिमरन सिंह भी टीम में अवसर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
यदि Abhishek Sharma अगले मुकाबलों में रन बनाने में नाकाम रहते हैं तो टीम प्रबंधन नए विकल्पों की ओर देख सकता है। भारतीय टीम इस समय भविष्य को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को मौके दे रही है, इसलिए प्रदर्शन ही टीम में बने रहने का सबसे बड़ा आधार है।
अगले दो मुकाबले होंगे बेहद अहम
जिम्बाब्वे दौरे पर अभी दो टी20 मुकाबले बाकी हैं। दूसरा मैच 25 जुलाई को खेला जाएगा और यही मुकाबला Abhishek Sharma के लिए निर्णायक माना जा रहा है।
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अगर इस मैच में वह बड़ी पारी खेलते हैं तो आलोचनाओं पर विराम लग सकता है और उनका आत्मविश्वास भी लौट सकता है। लेकिन अगर एक बार फिर शुरुआती ओवरों में आउट होते हैं तो तीसरे मुकाबले में टीम प्रबंधन बदलाव करने पर विचार कर सकता है।
टी20 क्रिकेट में सलामी बल्लेबाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। तेज शुरुआत पूरे मैच की दिशा बदल सकती है। ऐसे में भारतीय टीम को अपने ओपनर से लगातार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
तकनीकी सुधार की जरूरत
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि Abhishek Sharma को अपनी बल्लेबाजी में कुछ तकनीकी सुधार करने की जरूरत है। शुरुआती ओवरों में जल्दबाजी में बड़े शॉट खेलने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करना उनके लिए फायदेमंद हो सकता है।
इसके अलावा नई गेंद के खिलाफ बेहतर शॉट चयन और धैर्य भी उनकी बल्लेबाजी को मजबूत बना सकता है। अगर वह अपनी प्राकृतिक आक्रामक शैली और जिम्मेदार बल्लेबाजी के बीच संतुलन बना लेते हैं तो दोबारा बड़ी पारियां खेलना उनके लिए मुश्किल नहीं होगा।
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टीम इंडिया को चाहिए निरंतरता
भारतीय टीम अगले बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों की तैयारी कर रही है। ऐसे में टीम प्रबंधन उन खिलाड़ियों को प्राथमिकता देगा जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर सकें।
Abhishek Sharma के पास प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ प्रतिभा नहीं बल्कि निरंतर प्रदर्शन भी उतना ही जरूरी होता है। आने वाले दो मुकाबले उनके लिए सिर्फ रन बनाने का अवसर नहीं, बल्कि टीम इंडिया में अपनी जगह मजबूत करने की परीक्षा भी होंगे।
अगर वह इन मौकों का पूरा फायदा उठाते हैं तो आलोचनाओं का जवाब बल्ले से दे सकते हैं। लेकिन अगर खराब फॉर्म जारी रही तो टीम इंडिया में उनकी जगह पर खतरा और गहरा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें उनके अगले मुकाबले पर टिकी हैं, जहां वह अपने करियर की दिशा बदलने वाली पारी खेलने की कोशिश करेंगे।

