Administration tightens its grip on big defaulters, preparations begin to confiscate property
Administration tightens: तहसील प्रशासन ने सरकारी राजस्व के बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। लंबे समय से सरकारी राशि पर कब्जा जमाए बैठे 22 बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब इन बकायेदारों की संपत्तियों की कुर्की और नीलामी के लिए प्रशासन द्वारा अभियान शुरू किया गया है। तहसील कार्यालय और शहर के अन्य प्रमुख स्थानों पर बकायेदारों की सूची चस्पा कर दी गई है ताकि जनता को भी इसकी जानकारी हो और बकायेदारों पर दबाव बनाया जा सके।
10.50 करोड़ का वसूली लक्ष्य, 6 करोड़ की वसूली का रिकॉर्ड
तहसीलदार सचिन कुमार ने बताया कि सरकारी राजस्व के इन बकायेदारों से बकाया वसूली के लिए इस वित्तीय वर्ष में 10.50 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष, तहसील प्रशासन अब तक 6 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली कर चुका है, जो कि प्रशासन के प्रयासों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। वसूली के इस अभियान में तहसील प्रशासन ने आबकारी विभाग, सेल टैक्स, बैंक और अन्य विभागों से जुड़े बकायेदारों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
बकाया न देने पर संपत्ति कुर्की की चेतावनी
तहसीलदार सचिन कुमार ने जानकारी दी कि बकायेदारों को पहले ही नोटिस जारी कर बकाया राशि जमा करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन उन्होंने अभी तक इसे गंभीरता से नहीं लिया है। इसके मद्देनजर, तहसील प्रशासन ने अब इन बकायेदारों की संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से न केवल राजस्व संग्रहण में वृद्धि होगी, बल्कि ऐसे बकायेदारों पर भी दबाव बनेगा जो अब तक अपने बकाया को लेकर लापरवाही बरत रहे थे।
अन्य बकायेदारों को भी चेतावनी जारी
प्रशासन ने अन्य बकायेदारों को भी चेतावनी दी है कि यदि वे समय पर बकाया जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी संपत्ति कुर्की और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। तहसील प्रशासन ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है कि इस बार किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी बकायेदारों से कहा गया है कि वे समय रहते बकाया राशि का भुगतान कर दें अन्यथा उनके खिलाफ आरसी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
प्रशासन का संदेश: बकाया जल्द जमा करें अन्यथा सख्त कार्रवाई होगी
तहसीलदार सचिन कुमार ने कहा कि प्रशासन का यह कदम सरकारी राजस्व वसूली को बढ़ावा देने और बड़े बकायेदारों को अनुशासन में लाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन अब अपने वसूली लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ रहा है और जल्द ही सभी बकायेदारों से बकाया राशि की वसूली की जाएगी।

