
Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की हलचल अब पूरे राज्य में तेज हो चुकी है। सड़कों पर पोस्टर, जनसभाओं में भीड़ और सोशल मीडिया पर नेताओं के बयान हर जगह बस चुनाव की गूंज है। इस बार का चुनाव बेहद खास है क्योंकि सत्ता की लड़ाई में एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी आमने-सामने हैं।
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6 नवंबर को वोटिंग
चुनाव आयोग ने ऐलान कर दिया है कि बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर 2025 को होगा। इस चरण में 17 जिलों की 121 सीटों पर वोटिंग कराई जाएगी। नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब सभी उम्मीदवार मैदान में उतर चुके हैं। इस चरण में कुल 1314 उम्मीदवार चुनावी रणभूमि में हैं।
कहां-कहां होगी वोटिंग
पहले चरण में बिहार के जिन जिलों में वोट डाले जाएंगे, उनमें शामिल हैं
सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर, नालंदा, पटना और औरंगाबाद जैसे प्रमुख जिले।
यह वो इलाके हैं जहां हर बार की तरह इस बार भी राजनीतिक टक्कर बेहद रोमांचक रहने वाली है।
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इन सीटों पर होगी सबसे बड़ी टक्कर
बिहार चुनाव के पहले चरण में कई हाईप्रोफाइल सीटें चर्चा में हैं
राघोपुर: यहां से तेजस्वी यादव एक बार फिर अपनी साख बचाने उतरे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी के सतीश कुमार यादव और जनसुराज पार्टी के चंचल सिंह से है।
महुआ: तेज प्रताप यादव इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यह सीट हमेशा से लालू परिवार के प्रभाव में रही है।
लखीसराय: यहां उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा दोबारा मैदान में हैं।
तारापुर (मुंगेर): उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस सीट से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
अलीनगर: लोक गायिका मैथिली ठाकुर पहली बार राजनीति में कदम रख रही हैं, जिससे इस सीट पर लोगों की खास नजर है।
परसा: यहां डॉ. करिश्मा राय (तेज प्रताप यादव की साली) राजद की उम्मीदवार हैं, जिससे सीट काफी हाई-प्रोफाइल हो गई है।
हरनौत: यह सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर से जुड़ी मानी जाती है।
इनके अलावा फतुहा, दीघा, पालीगंज, आरा और बक्सर जैसी सीटों पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
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नेताओं का प्रचार चरम पर
पहले चरण की वोटिंग से पहले नेताओं ने प्रचार का मोर्चा संभाल लिया है।
एनडीए विकास और सुशासन के नाम पर जनता से वोट मांग रहा है, वहीं महागठबंधन बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे उठाकर सरकार को घेरने में लगा है।
जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर गांव-गांव जाकर जनसंवाद कर रहे हैं और खुद को “परिवर्तन की नई उम्मीद” के रूप में पेश कर रहे हैं।
सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह बिहार की सियासत का रंग गहरा हो गया है।
आगे का चुनावी कार्यक्रम
पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होगी और दूसरे चरण की 11 नवंबर को। इसके बाद 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। यानी नवंबर का महीना बिहार की सियासत के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है।
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जनता के मूड पर टिकी नजरें
इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि बिहार की नई दिशा तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है। युवा, महिलाएं और पहली बार वोट देने वाले मतदाता इस चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे।
हर दल जनता के मूड को समझने की कोशिश में है लेकिन नतीजा किसके पक्ष में जाएगा, यह तो 6 और 11 नवंबर की वोटिंग के बाद ही साफ होगा।
बिहार चुनाव 2025 का पहला चरण 6 नवंबर को 17 जिलों की 121 सीटों पर होगा।
यह मुकाबला एनडीए, महागठबंधन और जनसुराज पार्टी के बीच त्रिकोणीय हो गया है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जनता किसे चुनेगी नीतीश कुमार की वापसी होगी या तेजस्वी यादव नई कहानी लिखेंगे?

