BMC Result: बीएमसी में बीजेपी का मेयर तय? उद्धव ठाकरे की चाल से शिंदे की सौदेबाजी खत्म
Uddhav Thackeray Strategy: देश की सबसे अमीर नगरपालिका मुंबई महानगरपालिका (BMC) की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है। सालों तक बीएमसी पर राज करने वाली शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) इस बार सत्ता से बाहर हो चुकी है, जबकि भारतीय जनता पार्टी और शिंदे गुट ड्राइविंग सीट पर नजर आ रहे हैं। मेयर पद को लेकर चल रही खींचतान के बीच उद्धव ठाकरे ने ऐसी राजनीतिक चाल चली है, जिसने पूरे समीकरण को ही पलट दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे गुट ने मेयर चुनाव में वोटिंग से दूरी बनाने का फैसला लिया है। अगर यह रणनीति जमीन पर उतरती है, तो भाजपा को मेयर बनाने के लिए किसी सहयोगी की जरूरत नहीं पड़ेगी। यही वजह है कि इस फैसले को एकनाथ शिंदे के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
उद्धव ठाकरे की ‘नो-वोटिंग’ चाल
इसी बीच शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बड़ा दांव खेल दिया है। सूत्र बताते हैं कि यदि मेयर पद के लिए भाजपा का उम्मीदवार सामने आता है, तो उद्धव गुट के पार्षद वोटिंग प्रक्रिया से बाहर रहेंगे। बीएमसी में शिवसेना-यूबीटी के 65 पार्षद हैं और उनकी गैरमौजूदगी भाजपा के लिए रास्ता पूरी तरह साफ कर सकती है। यह फैसला सीधे तौर पर एकनाथ शिंदे की सौदेबाजी की ताकत को खत्म करता नजर आ रहा है, क्योंकि भाजपा को अब शिंदे गुट के समर्थन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
बीएमसी का गणित
मुंबई महानगरपालिका में कुल 227 सीटें हैं। भाजपा के पास 89 सीटें, शिवसेना (उद्धव) ने 65 सीटें जीती हैं। वहीं शिवसेना (शिंदे) 29 सीटें जीती है। ऐसे में अगर उद्धव गुट वोटिंग से बाहर रहता है, तो मेयर चुनाव में सिर्फ 162 पार्षद हिस्सा लेंगे। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 82 होगा, जबकि भाजपा के पास पहले से ही 89 पार्षद मौजूद हैं। यानी भाजपा अपने दम पर ही मेयर बना सकती है।
शिंदे की रणनीति पर ब्रेक
उद्धव ठाकरे की इस रणनीति से एकनाथ शिंदे की वह स्थिति कमजोर हो सकती है, जिसके जरिए वह मेयर पद को लेकर भाजपा से मोलभाव कर सकते थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह फैसला शिंदे गुट को “न घर का, न घाट का’ बना सकता है।
संजय निरुपम का पलटवार
बीएमसी मेयर रेस पर शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि महायुति का मेयर बनने के बाद मुंबई में बड़े पैमाने पर विकास कार्य होंगे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को ज्यादा सीटें इसलिए मिलीं क्योंकि उसने ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा। साथ ही संजय राउत के आरोपों को अफवाह करार देते हुए कहा कि महायुति पूरी तरह एकजुट है और मेयर पद पर गठबंधन का ही उम्मीदवार बनेगा।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
‘ट्रिपल इंजन सरकार’ से बदलेगी मुंबई की तस्वीर?
संजय निरुपम ने यह भी कहा कि बीएमसी का बजट देश के कई राज्यों से बड़ा है और पिछले 25-30 वर्षों में उद्धव गुट के शासन में मुंबई की व्यवस्था कमजोर हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि अब ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ से मुंबई में तेज रफ्तार विकास देखने को मिलेगा।
Political News: Find Today’s Latest News on Politics, Political Breaking News, राजनीति समाचार, राजनीति की खबरें from India and around the World on News watch india

