Chhattisgarh Budget 2026: छत्तीसगढ़ में विकास को नई रफ्तार, 10,617 करोड़ की अनुदान मांगें पास, हर क्षेत्र में निवेश का बड़ा खाका
Chhattisgarh Budget: छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए 10,617 करोड़ रुपये से अधिक के अनुदान प्रस्तावों ने राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा दे दी है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इसे “संकल्प से विकास” का Chhattisgarh Budget बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए एक मजबूत रोडमैप है, जो राज्य को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
हर विभाग के लिए संतुलित बजट का प्रावधान
Chhattisgarh Budget में सरकार ने विभिन्न विभागों के लिए व्यापक प्रावधान किए हैं। सामान्य प्रशासन, जल संसाधन, ऊर्जा, खनिज, आईटी और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित किया गया है। इससे यह साफ है कि सरकार केवल एक सेक्टर पर नहीं, बल्कि समग्र विकास की रणनीति पर काम कर रही है।
Chhattisgarh Budget में जल संसाधन विभाग को 3,100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि देकर सिंचाई और जल प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है, वहीं ऊर्जा क्षेत्र के लिए 4,200 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान राज्य की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा पर विशेष फोकस
राज्य सरकार ने इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सेक्टर को विकास की रीढ़ मानते हुए सबसे अधिक ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है और अब इसे और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर उद्योगों को सस्ती और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
संकल्प थीम के साथ पारदर्शी शासन
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने स्पष्ट किया कि Chhattisgarh Budget की नींव “संकल्प” थीम पर रखी गई है। इसका उद्देश्य पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम-उन्मुख शासन स्थापित करना है।
सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी व्यवस्थाओं को और मजबूत किया है। इससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचाना संभव हो रहा है।
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नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीद
राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास को लेकर सरकार ने विशेष रणनीति अपनाई है। मुख्यमंत्री ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि अब ये क्षेत्र हिंसा से बाहर निकलकर विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
ग्रामीण विद्युतीकरण, सड़क निर्माण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से इन क्षेत्रों में बदलाव साफ नजर आने लगा है। “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाएं दूरस्थ गांवों तक रोशनी पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

खनिज संपदा से मजबूत होती अर्थव्यवस्था
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का अनुमान है कि आने वाले समय में खनिज राजस्व 17 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
डीएमएफ (District Mineral Foundation) फंड के बेहतर उपयोग से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिली है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी सुविधाओं में सुधार हो रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।
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किसानों के लिए सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने सिंचाई परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है। पिछले दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिली है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 1.6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई नेटवर्क से जोड़ना है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में सुधार की उम्मीद है।
डिजिटल और एआई से बदलेगा प्रशासन
आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में निवेश कर सरकार प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। 400 करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधान से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मजबूत किया जाएगा।
ई-एचआरएमएस, डिजिटल मॉनिटरिंग और एआई आधारित सेवाओं के जरिए शासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की योजना है। साथ ही युवाओं को नई तकनीकों से जोड़कर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाएंगे।
आम जनता के लिए राहत भरी योजनाएं
सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया है। बीपीएल परिवारों के लिए मुफ्त बिजली, सब्सिडी और सोलर योजनाओं से लोगों का आर्थिक बोझ कम होगा।
इन योजनाओं का उद्देश्य केवल राहत देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
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हवाई कनेक्टिविटी से बढ़ेगा क्षेत्रीय विकास
राज्य में हवाई सेवाओं का विस्तार भी इस बजट का अहम हिस्सा है। बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों का विकास तेज होगा।
बदलती कार्य संस्कृति और सुशासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक कार्य संस्कृति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस, डिजिटल ट्रैकिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ी है।
विकास की मजबूत नींव
छत्तीसगढ़ का यह “संकल्प बजट” राज्य को एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, कृषि, डिजिटल गवर्नेंस और जनकल्याण के क्षेत्रों में बड़े निवेश से यह साफ है कि सरकार विकास को लेकर गंभीर है।
आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के प्रभाव से छत्तीसगढ़ न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होगा, बल्कि एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभर सकता है।

