Punjab News: त्योहारी सीज़न में कानून-व्यवस्था सर्वोपरि, सीएम भगवंत मान का सख्त संदेश, अपराध और अव्यवस्था पर "जीरो टॉलरेंस" की नीति लागू

CM Bhagwant Mann: पंजाब में पराली जलाने के 56 नए मामले सामने आए, अमृतसर जिला सबसे अधिक प्रभावित। ऐसे में राज्य सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए 500 करोड़ रुपये का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है।
सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों और सरकार की सख्त कोशिशों के बावजूद खेतों में पराली जलाने की घटनाएं थम नहीं रही हैं। राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपये का एक्शन प्लान, हजारों अधिकारियों की तैनाती और तकनीकी उपायों का दावा किया है, लेकिन हकीकत यह है कि पिछले छह दिनों में पराली जलाने के 56 नए मामले सामने आ चुके हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि अमृतसर ज़िला फिर सबसे अधिक मामलों के साथ पहले नंबर पर है।
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पराली प्रबंधन के लिए पंजाब सरकार का बड़ा एक्शन प्लान
राज्य सरकार ने पराली प्रबंधन के लिए 500 करोड़ रुपये का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत पूरे राज्य में ‘पराली प्रोटेक्शन फोर्स’ गठित की गई है, जिसमें 5,000 नोडल अधिकारी, 1,500 क्लस्टर कोऑर्डिनेटर और 1,200 फील्ड अधिकारी तैनात किए गए हैं। इन अधिकारियों को पंजाब के 11,624 गांवों में खेतों में पराली जलाने पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
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अमृतसर में बना विशेष टास्क फोर्स
अमृतसर जिला प्रशासन ने डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में एक विशेष टास्क फोर्स गठित की है, जिसमें ‘एयर केयर’ सेंटर के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। यह टास्क फोर्स किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनरी, तकनीकी जानकारी, इन-सीटू व एक्स-सीटू समाधान जैसी सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही, किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा रहा है।
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रीयल टाइम मॉनिटरिंग और एफआईआर की कार्रवाई
पराली जलने की घटनाओं की रीयल टाइम निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार ने 663 गांवों को हॉटस्पॉट घोषित किया है। अब तक 13 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 13 किसानों की ज़मीनों पर रेड एंट्री कर दी गई है।
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किसानों की व्यथा – “मशीनें कम, लागत ज़्यादा”
किसानों का कहना है कि पराली प्रबंधन का खर्च प्रति एकड़ 5-6 हजार रुपये आता है। सरकार के पास केवल 5% आवश्यक मशीनरी है, जो खेतों में पराली उठाने के लिए पर्याप्त नहीं है। किसान कुलदीप सिंह के अनुसार, धान की 1121 और 1718 किस्मों की पराली को खेत में मिलाना बेहद कठिन होता है।

