CM Mann on PM Modi Fuel Saving Appeal: पीएम मोदी की बचत अपील पर भड़के भगवंत मान, बोले- पहले अपनी विदेश यात्राएं रोकें
CM Mann on PM Modi Fuel Saving Appeal: भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की हालिया अपील पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार को घेर लिया। प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने, विदेश यात्राओं से बचने, घर से काम करने और सोना न खरीदने की सलाह के बाद विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी कड़ी में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं (CM Mann on PM Modi Fuel Saving Appeal) को लेकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अगर देश को ईंधन बचाने की जरूरत है तो इसकी शुरुआत सबसे पहले प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से होनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब लोगों को विदेश यात्रा कम करने की सलाह दी जा रही है, तब प्रधानमंत्री लगातार विदेशी दौरों पर क्यों जा रहे हैं।
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‘पीएम खुद वर्क फ्रॉम होम क्यों नहीं करते?’ – सीएम मान
मीडिया से बातचीत करते हुए भगवंत मान ने कहा,’प्रधानमंत्री लोगों से कह रहे हैं कि विदेश यात्रा से बचें, पेट्रोल-डीज़ल बचाएं और घर से काम करें। लेकिन वह खुद इस समय विदेश दौरे पर हैं। अभी वह नीदरलैंड गए हुए हैं और तीन-चार देशों की यात्रा कर रहे हैं।’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘जब आम लोगों से वर्क फ्रॉम होम करने की अपील (CM Mann on PM Modi Fuel Saving Appeal) की जा सकती है, तो प्रधानमंत्री खुद वर्क फ्रॉम होम क्यों नहीं कर सकते?’ मान ने यह भी कहा कि आम जनता पर लगातार नई जिम्मेदारियां डाली जा रही हैं, जबकि सरकार खुद उसी तरह का उदाहरण पेश नहीं कर रही जिसकी उम्मीद लोगों से की जा रही है।
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पीएम मोदी ने क्या अपील की थी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ऊर्जा और संसाधनों की बचत करने की अपील की थी। उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने, अनावश्यक विदेश यात्राओं (CM Mann on PM Modi Fuel Saving Appeal) से बचने, घर से काम को बढ़ावा देने और सोना खरीदने से बचने की सलाह दी थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायनिक खाद के कम इस्तेमाल की भी अपील की। सरकार का कहना है कि वैश्विक हालात और अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण आर्थिक दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में संसाधनों का संतुलित उपयोग जरूरी है। हालांकि विपक्ष इसे जनता पर ‘अतिरिक्त बोझ’ डालने की कोशिश बता रहा है।
‘युद्ध कहीं और, असर भारत में क्यों?’
भगवंत मान ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस युद्ध या अंतरराष्ट्रीय संकट का हवाला दिया जा रहा है, वह भारत में नहीं हो रहा। इसके बावजूद प्रतिबंध और बचत संबंधी अपीलें सबसे ज्यादा भारत में क्यों दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा, ‘अगर हालात इतने गंभीर हैं तो दूसरे देशों में ऐसी पाबंदियां क्यों नहीं लगाई गईं? नेपाल या अन्य देशों ने इस तरह की अपीलें क्यों नहीं कीं?’ मान ने यह भी कहा कि चुनावों के दौरान ऐसी किसी कमी या संकट की चर्चा नहीं होती, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद अचानक जनता से त्याग की उम्मीद की जाने लगती है।
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विपक्ष ने सरकार को घेरा
प्रधानमंत्री की अपील (CM Mann on PM Modi Fuel Saving Appeal) के बाद कई विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार आर्थिक चुनौतियों का बोझ सीधे जनता पर डाल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई, ईंधन की कीमतें और आर्थिक नीतियां बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती हैं। खासतौर पर विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने की कोशिश करेगा। उधर भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री की अपील देशहित में है और संसाधनों की बचत हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उनका तर्क है कि वैश्विक आर्थिक हालात का असर भारत समेत दुनिया के कई देशों पर पड़ रहा है।
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सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
भगवंत मान के बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने इसे राजनीतिक बयानबाजी करार दिया। ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘वर्क फ्रॉम होम’, ‘विदेश यात्रा’ और ‘ईंधन बचाओ’ जैसे मुद्दे ट्रेंड करने लगे। राजनीतिक समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करते नजर आए।
आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है सियासत
ये माना जा रहा है कि आर्थिक मुद्दों पर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले महीनों में और बढ़ सकता है। पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें, महंगाई और सरकारी नीतियां अब सीधे राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुकी हैं। ऐसे में भगवंत मान का यह बयान सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें केंद्र सरकार को आम जनता के मुद्दों पर घेरने की कोशिश की जा रही है।

