Punjab Voter List SIR: पंजाब में वोट कटने नहीं देगी AAP! SIR प्रक्रिया पर भगवंत मान ने चुनाव आयोग को दी सख्त चेतावनी
Punjab Voter List SIR: पंजाब के सीएम भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राज्य में किसी भी योग्य मतदाता का नाम वोटर लिस्ट (Punjab Voter List SIR) से हटाने नहीं दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि किसी विशेष राजनीतिक दल के फायदे के लिए ‘फर्जी वोट’ जोड़ने या असली वोट हटाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता राज्य के हर पोलिंग बूथ पर बूथ लेवल अफसरों (BLOs) के साथ मौजूद रहेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य SIR प्रक्रिया की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी मतदाता के साथ अन्याय न हो।
Read More: पीएम मोदी की बचत अपील पर भड़के भगवंत मान, बोले- पहले अपनी विदेश यात्राएं रोकें
दूसरे राज्यों की घटनाओं से बढ़ी चिंता
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि देश के कई राज्यों से लाखों योग्य वोट हटाने और सत्यापन प्रक्रिया में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने आम नागरिकों के मन में चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग लोकतंत्र के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं करेंगे। मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग (Punjab Voter List SIR) को पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ SIR प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की भागीदारी से प्रक्रिया और ज्यादा जवाबदेह बनेगी। मान ने कहा, ‘हर योग्य नागरिक को बिना डर और बिना किसी परेशानी के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिलना चाहिए। अगर मतदाता सूची पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है तो लोकतंत्र की बुनियाद पर असर पड़ सकता है।’
पंजाब की तमाम बड़ी खबरें देखने के लिये क्लिक करे
चुनाव आयोग से निष्पक्षता की अपील
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से अपील की कि लोगों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का समय रहते समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक को गलत तरीके से मतदाता सूची (Punjab Voter List SIR) से बाहर किया जाता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए और किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लेना चाहिए। मान ने जोर देकर कहा कि पंजाब में पूरी प्रक्रिया पर जनता की नजर है और किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर कड़ी प्रतिक्रिया होगी।
असली वोटर परेशान नहीं होने चाहिए – सीएम मान
AAP सरकार ने मतदाता सूची संशोधन को लेकर अपना रुख भी स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृत व्यक्तियों या विदेश में स्थायी रूप से बस चुके लोगों के नाम हटाना जरूरी है, लेकिन पंजाब के वास्तविक निवासियों को किसी भी हालत में परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘जो लोग कानूनी रूप से वोट डालने के हकदार हैं, उनका अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। किसी भी गरीब, मजदूर, बुजुर्ग या ग्रामीण नागरिक का वोट प्रशासनिक लापरवाही की वजह से नहीं कटना चाहिए।’
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
83 प्रतिशत वोटर मैपिंग पूरी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जानकारी दी कि पंजाब में करीब 83 प्रतिशत मतदाता मैपिंग (Punjab Voter List SIR) का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और अपने दस्तावेज समय पर जमा करवाएं। मान ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा जब हर नागरिक का वोट सुरक्षित रहेगा। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तुरंत प्रशासन और चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
पंजाब में SIR प्रक्रिया अब राजनीतिक मुद्दा
पंजाब में SIR प्रक्रिया अब केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गई है, बल्कि यह बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। विपक्षी दल भी लगातार चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में भगवंत मान सरकार का यह रुख साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में वोटर लिस्ट और चुनावी पारदर्शिता पंजाब की राजनीति का अहम मुद्दा बने रहेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि AAP इस मुद्दे के जरिए खुद को ‘लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षक’ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। वहीं सरकार का दावा है कि उसकी प्राथमिकता केवल निष्पक्ष चुनाव और हर योग्य नागरिक के वोट की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

