Chief Minister Dr. Mohan Yadav gave free scooty to 12th toppers, lakhs of girls got the gift of cleanliness and stipend

CM Mohan Yadav Scheme: मध्यप्रदेश में शिक्षा को प्रोत्साहन देने और बालिकाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राज्य के हज़ारों मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विशेष समारोह में 2024-25 शैक्षणिक सत्र के 12वीं कक्षा के 7,832 टॉपर विद्यार्थियों को निःशुल्क स्कूटी प्रदान की गई।
टॉपर्स को निःशुल्क स्कूटी का उपहार
राज्य सरकार की निःशुल्क ई-स्कूटी/आईसीईएस योजना के अंतर्गत यह उपहार उन छात्रों को दिया गया जिन्होंने 12वीं की बोर्ड परीक्षा में अपने-अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया। योजना का लाभ शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों के नियमित परीक्षार्थियों को मिलता है। बालिका विद्यालय की एक टॉपर छात्रा, बालक विद्यालय के एक टॉपर छात्र तथा सह-शैक्षिक विद्यालय (को-एड) के एक-एक टॉपर छात्र और छात्रा को स्कूटी प्रदान की गई।
यह योजना वर्ष 2022-23 से लागू है और इसका उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं का सम्मान आवश्यक है।
बालिकाओं के लिए स्वच्छता योजना की राशि
समारोह में डॉ. मोहन यादव ने समग्र शिक्षा की सेनिटेशन एवं हाईजीन योजना के अंतर्गत कक्षा 7वीं से 12वीं तक की बालिकाओं के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने करीब 20 लाख 37 हजार 439 बालिकाओं के बैंक खातों में प्रतिवर्ष दी जाने वाली स्वास्थ्य स्वच्छता सहायता राशि को सीधे ट्रांसफर करने का काम किया। इसके लिए लगभग 61 करोड़ रुपये का डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) किया गया।
इस योजना के तहत प्रत्येक बालिका को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के लिए सालाना 300 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्वच्छता के लिए नहीं बल्कि बालिकाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का भी माध्यम है।
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छात्रावासों की बालिकाओं को स्टायपंड
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय टाइप (IV) योजना के तहत छात्रावासों में रह रही 20 हजार 100 बालिकाओं को भी इस अवसर पर बड़ी सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने उनके बैंक खातों में 7 करोड़ रुपये की स्टायपंड राशि ट्रांसफर की। इस योजना के तहत प्रत्येक छात्रा को प्रति वर्ष 3,400 रुपये की राशि शिक्षण सामग्री (टीएलएम) और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए दी जाती है।
शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि प्रदेश की हर बालिका न केवल पढ़ाई में आगे बढ़े, बल्कि आत्मनिर्भर और स्वस्थ भी बने।” उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर को अपनी मेहनत और समाज सेवा में बदलें।
सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि स्कूटी योजना को और विस्तृत करने पर विचार किया जा रहा है ताकि आने वाले वर्षों में और अधिक मेधावी छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकें।
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भविष्य के लिए प्रेरणा
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विद्यालयों के शिक्षक और छात्र-छात्राओं के अभिभावक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा।
मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल न केवल मेधावी छात्रों को सम्मानित करने का उदाहरण है, बल्कि यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में दूरगामी प्रभाव डालने वाला कदम भी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि हर छात्र-छात्रा अपने सपनों को पूरा कर सके।
इस तरह यह कार्यक्रम केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण का एक व्यापक संदेश बनकर सामने आया।

