Biporjoy Cyclone: भयानक चक्रवाती तूफान बिपरजॉय गुजरात के कच्छ जिले के जखाऊ में बृहस्पतिवार यानी 15 जून को तट से टकरा गया . इसके साथ ही तबाही शुरू हो गई और हवाए 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने लगी. इसी दौरान बडी संख्या में पेड और बिजली के खंभे उखड गए . इससे जखाऊ राजमार्ग बंद करना पडा. चक्रवात के चलते मांडवी , देवभूमि द्ररका समेत कई इलाको मे भारी बारिश हुई. वही, भावनगर में एक पिता और पुत्र की भरे नाले में डूबने से मौत हो गई, उधर चक्रवात प्रभावित इलाका अंधेरे में डूबे हुए है. रात करीब 11 बजे तक चक्रवात का केंद्र बिंदु जखाऊ तट से 20 किमी दूर था.
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बातकर हालात का जायजा लिया.
मौसम विभाग के मुताबिक , चक्रवात के कारण गुजरात के तटीय इलाको में कई जगह 3 से 6 मीटर तक ऊंची लहरे उठी. चक्रवात के तट पर टकराने से पहले करीब एक लाख लोगो को सुरक्षित शरणस्थलो तक पहुंचा दिया गया. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है. मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के मुताबिक शुक्रवार 16 जून की सुबह तक बिपरजॉय चक्रवातीय आंधी और शाम तक सामान्य आंधी तूफान में बदल सकता है.
सूत्रो के मुताबिक केंद्र सरकार किसी भी आपदा से प्रभावित सभी लोगो को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार की यह प्रतिबद्धता प्राकृतिक आपदाओं तक ही सीमित नही है, बल्कि केंद्र सरकार ने महामारी के दौरान भी प्रभावी योजना और निष्पादन के माध्यम से लोगो की हरसंभव सहायता की . पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने ना केवल घरेलू स्तर बल्कि युद्धग्रस्त क्षेत्रो मे फंसे नागरिकों को निकालने में भी भूमिका निभाई थी.
150 ग्रामीणो को बीएसएफ ने कैंप मे दी जगह
कच्छ जिले मे ठुमारी और वलवारीवांड गांव के 150 लोगो को बीएसएफ ने अपने कैंप में सुरक्षित आश्रय दिया है. बीएसएफ ने बताया कि इनमें करीब 34 बच्चे शामिल है सभी के ले खाने पीने और सोने का इंतजाम किया गया है. बीएसएफ मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है
मीडिया को सलाह, बचकर रहे
सरकार ने बिपरजॉय की कवरेज के लिए भेजे गए मीडियाकर्मियों और संस्थानो को निर्देश जारी किया है कि वे सतर्कता के साथ कवरेज करें और किसी भी स्थिति में जोखिम वाली जगह पर नही जाएं केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देशों मे खासतौर पर टीवी चैनलो से कहा गया कि ग्राउड रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की जोखिम नही लेने के लिए कहें, क्योकि स्थिति कभी भी जानलेवा हो सकती है.
गंभीर तूफानो से गई 10 साल में हजारो की जान
आपको बता दें 17 मई 2021 को गुजरात के दक्षिणी तट से टकराने वाला अत्यंत गंभीर चक्रवात तौकाते का प्रकोप उस समय देखा गया था. जब देश कोविड 19 की दुसरी लहर से जूझ रहा था. 185 किमी प्रति घंटे की गति से चली हवाओ से गुजरात , केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र में 100 से ज्यादा लोगो की जान गई थी.
ऐसा ही मामला बंगाल के उत्तर हिंद महासागर में सुंदरवन के पास से आया था
जहां 20 मई 2020 को पैदा हे तूफान अम्फान ने ओडिशा के तट से टकराने के बाद भारी तबाही मचाई थी .इस तबाही में भारत (india)और बांग्लादेश(bangladesh) में 129 लोगो की जान चली गई थी.
एक मामला 3 मई 2019 का है
जहां 175 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने ओडिशा में पूरी के पास और देश के पूर्वी तट पर भारी तबाही मचाई थी. इस तबाही मे करीब 64 लोगो की जान चली गई थी.
बताते चले 12 अक्तूबर 2014 को आंधप्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाको मे भारी तबाही मचाई थी. इसमे लगभग 124 लोगो की जान गई थी