Delhi Blast: लाल किले के पास धमाका या साजिश? जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां, जानें कब-कब ऐसे हादसों से कांपी राजधानी

Delhi Blast: राजधानी दिल्ली एक बार फिर धमाके से दहल उठी है। शनिवार देर शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास खड़ी एक कार में अचानक भारी विस्फोट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास की दो और गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना में 13 लोगों की मौत हो गई है जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यह धमाका बम ब्लास्ट था या CNG टैंक फटने से हुआ।

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस और एनआईए समेत अन्य जांच एजेंसियां घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रही हैं। लाल किले जैसे संवेदनशील इलाके में धमाका होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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लाल किले के पास मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और इलाके में धुएं का गुबार फैल गया। चश्मदीदों ने बताया कि ब्लास्ट के तुरंत बाद कार आग के गोले में बदल गई और लपटें तेजी से फैलीं। पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और पूरे क्षेत्र की सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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जांच के सभी एंगल खंगाल रही पुलिस
फिलहाल विस्फोट के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि यह CNG लीक, शॉर्ट सर्किट या बम ब्लास्ट किसी भी वजह से हो सकता है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां धमाके के हर पहलू को खंगालने में जुटी हैं।
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दिल्ली में कब-कब हुए बड़े धमाके
राजधानी दिल्ली पहले भी कई बार धमाकों की दर्दनाक घटनाओं का गवाह रह चुकी है;
- 25 मई 1996: लाजपत नगर मार्केट में बम ब्लास्ट -16 मौतें
- 1 अक्टूबर 1997: सदर बाजार के पास दो धमाके- 30 घायल
- 18 अक्टूबर 1997: रानी बाग मार्केट में डबल विस्फोट-1 मौत, 23 घायल
- 30 नवंबर 1997: रेड फोर्ट के पास डबल ब्लास्ट- 3 मौतें, 70 घायल
- 29 अक्तूबर 2005: सारोजिनी नगर, पहाड़गंज, गोविंदपुरी में धमाके-62 मौतें, 100+ घायल
- 13 सितंबर 2008: करोल बाग, कनॉट प्लेस, ग्रेटर कैलाश में ब्लास्ट- 30 मौतें, 90 घायल
- 25 मई 2011: दिल्ली हाई कोर्ट पार्किंग में विस्फोट- कोई मौत नहीं
राजधानी की सुरक्षा पर उठे सवाल
लाल किले जैसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में धमाका होना गंभीर चिंता का विषय है। यह इलाका हमेशा भीड़भाड़ वाला रहता है, खासकर शाम के समय। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इतने सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में ब्लास्ट होना बड़ी सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है।
प्रशासन सतर्क, जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सभी वाहनों की जांच की जा रही है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

