DIG Harcharan Singh Bhullar: 7.5 करोड़ कैश, बेशकीमती घड़ियां और बेनामी संपत्तियां, भ्रष्टाचार के जाल में फंसे डीआईजी भुल्लर

DIG Harcharan Singh Bhullar: पंजाब सरकार ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गृह विभाग द्वारा की गई है। भुल्लर को सीबीआई चंडीगढ़ ने 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए मोहाली से रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। वे रोपड़ रेंज के डीआईजी पद पर तैनात थे। गिरफ्तारी के साथ ही पंजाब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
सीबीआई की 8 टीमों की बड़ी कार्रवाई
सीबीआई की 8 टीमों ने एक साथ मोहाली, चंडीगढ़, अंबाला, रोपड़ समेत 7 ठिकानों पर छापेमारी की। डीआईजी भुल्लर के घर, ऑफिस, फार्म हाउस और अन्य ठिकानों की तलाशी ली गई। चंडीगढ़ स्थित कोठी से 7.5 करोड़ रुपये कैश, 22 महंगी घड़ियां, सोने के गहने, 40 लीटर विदेशी शराब और बैंक लॉकर की चाबियां बरामद की गईं। सारा कैश 3 बैग और एक सूटकेस में भरकर रखा गया था।
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बिचौलिए कृष्णु की चौंकाने वाली स्वीकारोक्ति
पूछताछ में बिचौलिए कृष्णु ने कबूल किया कि वह डीआईजी भुल्लर के कहने पर पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में रसूखदारों से पैसे वसूलने जाता था। वह हर महीने 5 से 7 लाख रुपये लेकर डीआईजी को देता था। कभी-कभी यह रकम डेढ़ से दो महीने में वसूली जाती थी। लेकिन इस बार स्क्रैप डीलर अकाश बत्ता से 8 लाख की रिश्वत लेना भारी पड़ गया।
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बेनामी संपत्तियों और डायरी से खुल सकते हैं बड़े राज
सीबीआई को छापेमारी के दौरान कई बेनामी संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और एक डायरी भी मिली है। डायरी में कई बड़े नाम दर्ज हैं, जिससे यह संकेत मिला है कि कई प्रभावशाली लोग भी इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। सीबीआई अब इन संपत्तियों की जांच में जुट गई है कि इन्हें खरीदने के लिए पैसा कहां से आया।
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आईपीएस अधिकारी और पूर्व डीजीपी का बेटा
हरचरण सिंह भुल्लर 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनके पिता महल सिंह भुल्लर पंजाब के डीजीपी रह चुके हैं। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने पंजाब पुलिस की छवि को गहरी चोट पहुंचाई है और अब सभी की नजरें सीबीआई की आगामी जांच पर टिकी हैं।
डीआईजी भुल्लर की गिरफ्तारी सिर्फ एक रिश्वतखोरी का मामला नहीं, बल्कि एक पूरे भ्रष्टाचार तंत्र की परतें खोलने वाला घटनाक्रम बन गया है। आगे की जांच में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

