Employees are angry about festival advance, the amount has not increased for 16 years, now demand for parity with Chhattisgarh
Madhya Pradesh Employees: मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों का त्योहार अग्रिम को लेकर गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। महंगाई की मार झेल रहे कर्मचारियों का कहना है कि पिछले 16 साल से त्योहार अग्रिम में एक पैसा भी इजाफा नहीं हुआ है। दूसरी ओर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को 10 हजार रुपये तक का त्योहार अग्रिम मिल रहा है। ऐसे में अब मध्य प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन को पत्र लिखकर इस राशि को बढ़ाने की मांग तेज कर दी है।
किन त्योहारों पर मिलता है अग्रिम
राज्य शासन द्वारा हर साल 9 प्रमुख त्योहारों पर सरकारी कर्मचारियों को अग्रिम राशि दी जाती है। इसमें गणतंत्र दिवस, होली, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, ईद-उल-जुहा, ईद-उल-फितर, दशहरा, दीपावली और क्रिसमस शामिल हैं। कर्मचारियों को फिलहाल इन मौकों पर 4,000 रुपये त्योहार अग्रिम दिया जाता है, जिसे बाद में 6.5 प्रतिशत ब्याज के साथ 10 समान किस्तों में वापस करना होता है।
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कर्मचारी नेताओं का कहना है कि महंगाई बढ़ने से त्योहारों के खर्चों में कई गुना इजाफा हो चुका है, लेकिन त्योहार अग्रिम आज भी 2009 वाली स्थिति में है। इससे कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
2009 के बाद से राशि में नहीं हुई बढ़ोतरी
त्योहार अग्रिम की राशि आखिरी बार साल 2009 में बढ़ाई गई थी। उस समय यह 3,000 से बढ़ाकर 4,000 रुपये कर दी गई थी। इससे पहले वर्ष 2003 में इसे 1,000 रुपये और 1998 में 600 रुपये तय किया गया था। लेकिन इसके बाद लगातार बढ़ती महंगाई के बावजूद सरकार ने इसमें कोई सुधार नहीं किया।
मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी का कहना है कि, “जब 6वें वेतनमान में 12,000 वेतन पाने वाला और 7वें वेतनमान में 30,900 वेतन पाने वाला कर्मचारी भी सिर्फ 4,000 रुपये का त्योहार अग्रिम ले रहा है, तो यह बेहद असमानता की स्थिति है।”
छत्तीसगढ़ में मिलता है दोगुना अग्रिम
कर्मचारी संगठनों का गुस्सा इस कारण भी ज्यादा है क्योंकि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में साल 2022 से त्योहार अग्रिम 10,000 रुपये कर दिया गया है। वहां के कर्मचारी त्योहारों पर अधिक राहत पा रहे हैं। इसके मुकाबले मध्य प्रदेश के कर्मचारी अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
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तिवारी ने बताया कि, “छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते बढ़ोतरी कर कर्मचारियों को राहत दी है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। हम चाहते हैं कि यहां भी त्योहार अग्रिम कम से कम 10,000 रुपये किया जाए।”
कर्मचारियों ने सीएम और सीएस को लिखा पत्र
त्योहार अग्रिम की राशि बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। तिवारी ने बताया कि “त्योहारों पर खर्च बढ़ने से कर्मचारियों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में यदि सरकार अग्रिम राशि बढ़ा दे, तो कर्मचारियों को आर्थिक सहारा मिलेगा।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि सरकार पर इस फैसले से अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा क्योंकि कर्मचारी ब्याज सहित यह राशि लौटाते हैं। तिवारी का कहना है कि सरकार केवल अग्रिम देने की सीमा बढ़ाए, बाकी राशि सरकार को वापस ही मिल जाती है।
त्योहारों पर बढ़ते खर्च से मुश्किलें
कर्मचारियों ने बताया कि अब त्योहार पहले की तरह साधारण खर्च में नहीं मनाए जा सकते। होली पर रंग, मिठाई और अन्य सामानों की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं। दीपावली पर सजावट, कपड़े और पूजा सामग्री महंगी हो चुकी है। यहां तक कि क्रिसमस और ईद जैसे त्योहारों पर भी अब पारंपरिक खर्च पूरा करना मुश्किल हो गया है।
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एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हमारे बच्चे नए कपड़े और मिठाई की उम्मीद करते हैं, लेकिन 4,000 रुपये में क्या-क्या पूरा होगा? महंगाई ने त्योहार की खुशियां फीकी कर दी हैं। सरकार को हमारी मांग समझनी चाहिए।”
आंदोलन की चेतावनी
यदि सरकार समय रहते इस मांग को नहीं मानती है, तो कर्मचारी संगठन आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि संघ के प्रतिनिधि आने वाले दिनों में विधानसभा का घेराव भी कर सकते हैं।
विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाएं देने में पीछे है। त्योहार अग्रिम का मामला भी इसी लापरवाही को दर्शाता है।
त्योहार अग्रिम भले ही कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा न हो, लेकिन यह उनकी खुशियों से जुड़ा हुआ विषय है। जब महंगाई लगातार बढ़ रही है और खर्च दोगुना हो चुका है, तो 16 साल पुरानी राशि पर कर्मचारियों को टिकाए रखना उनके साथ नाइंसाफी है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव कर्मचारियों की इस मांग पर क्या फैसला लेते हैं।

