Fake Brigadier Arrest: 22-year-old fake brigadier arrested in Shahjahanpur with fake army ID and dummy pistol.
Fake Brigadier Arrest: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय एक युवक को सेना के उच्च अधिकारी यानी ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर संदिग्ध रूप से घूमते हुए पकड़ा गया। युवक के साथ दो अन्य लोग भी सेना की वर्दी में मौजूद थे, जिन्हें वह एनएसजी कमांडो और ड्राइवर बताकर पेश कर रहा था। यह मामला सामने आने के बाद सेना और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
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कैंट क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों से बढ़ा शक
जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक शाहजहांपुर कैंट क्षेत्र (Fake Brigadier Arrest) के शहीद संग्रहालय में एक हरियर (सेना जैसी गाड़ी) के साथ पहुंचा था, जिस पर सेना का झंडा भी लगा हुआ था। उसकी गतिविधियां और व्यवहार वहां मौजूद पूर्व सैनिकों और स्टाफ को संदिग्ध लगीं।
पूर्व सैनिकों ने बताया कि युवक लंबे समय से इस इलाके में ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर घूमता देखा जा रहा था। उसकी हरकतें और बोलचाल किसी वास्तविक सैन्य अधिकारी (Fake Brigadier Arrest) जैसी नहीं लग रही थीं, जिसके कारण उस पर पहले से ही शक किया जा रहा था।
पहले से निगरानी में था आरोपी
पूर्व सैनिकों ने इस पूरे मामले (Fake Brigadier Arrest) की जानकारी सेना के अधिकारियों को दे दी थी। इसके बाद से ही युवक पर नजर रखी जा रही थी। शुक्रवार दोपहर लगभग 12 बजे एक योजना के तहत उसे शहीद संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम में बुलाया गया।
जैसे ही वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद मिलिट्री पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया। इस अचानक कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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फर्जी पहचान पत्र और नकली पिस्टल बरामद
मिलिट्री पुलिस द्वारा (Fake Brigadier Arrest) की गई प्रारंभिक जांच में युवक के पास से कई संदिग्ध चीजें बरामद हुईं। इनमें एक फर्जी सेना पहचान पत्र, नकली पिस्टल और सेना से जुड़े कई दस्तावेज शामिल हैं। इन दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्हें कैसे और कहां तैयार किया गया था। शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि युवक लंबे समय से खुद को सैन्य अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि (Fake Brigadier Arrest)
पुलिस और सेना की संयुक्त पूछताछ में आरोपी की पहचान शाहजहांपुर के रोजा क्षेत्र निवासी आर्यन वर्मा (22 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी इंटरमीडिएट पास है।
उसने दो बार नीट (NEET) की परीक्षा भी दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वह दिल्ली चला गया था, जहां वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह 26 मई को अपने घर वापस लौटा था।
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कैसे करता था फर्जीवाड़ा
जांच (Fake Brigadier Arrest) में सामने आया है कि आरोपी ने जनवरी महीने में दिल्ली से ब्रिगेडियर की वर्दी खरीदी थी। इसके बाद उसने खुद को सैन्य अधिकारी बताकर शाहजहांपुर और आसपास के इलाकों में कई बार यात्रा की।
वह कथित तौर पर लग्जरी गाड़ी में सेना के झंडे के साथ घूमता था और खुद को उच्च पदस्थ अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने की कोशिश करता था। कई बार उसने खुद को ब्रिगेडियर बताकर सैन्य और गैर-सैन्य लोगों से बातचीत भी की।
संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में गतिविधियां
जिस इलाके में आरोपी घूम रहा था, वह बेहद संवेदनशील सैन्य क्षेत्र माना जाता है। यहां भारतीय सेना की एक पूरी ब्रिगेड तैनात है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सैन्य अधिकारियों के आवास भी इसी कैंट क्षेत्र में स्थित हैं।
इस वजह (Fake Brigadier Arrest) से उसकी गतिविधियों को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरे के रूप में देखा गया। पूर्व सैनिकों ने भी बताया कि उन्होंने कई बार उसे इस क्षेत्र में ब्रिगेडियर की वर्दी में देखा था, जिसके बाद संदेह और गहरा हो गया था।
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सेना और पुलिस की सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिलिट्री पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। उसके साथ मौजूद दो अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है कि वे उसकी इस गतिविधि में शामिल थे या नहीं। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास नकली हथियार और दस्तावेज कहां से आए और क्या इस पूरे मामले में किसी बड़े गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
जांच जारी, कई सवाल अनसुलझे
फिलहाल सेना और पुलिस की संयुक्त टीम इस पूरे मामले (Fake Brigadier Arrest) की गहराई से जांच कर रही है। इस बात की भी जांच हो रही है कि आरोपी ने कितनी बार सेना की वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह किया और क्या उसने किसी सुरक्षा नियम का उल्लंघन किया।अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

