Flood Alert in Hindon River: हिंडन नदी में उफान से मंडराया संकट, गांवों में घुसा पानी, प्रशासन लापता!

Flood Alert in Hindon River: उत्तर भारत में बाढ़ की त्रासदी अभी पंजाब और बिहार से निकली भी नहीं थी कि अब गाजियाबाद के हिंडन नदी किनारे बसे गांवों पर भी खतरा गहराता जा रहा है। हथनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद हिंडन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जिससे भदौली, मकरेड़ा, बहादुरपुर, मथुरापुर, शमशेर, भनेड़ा, असालतपुर, अटोर जैसे गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। किसानों की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है और जनजीवन खतरे में है।
पढें: श्वेता तिवारी ने “Do You Wanna Partner” की स्क्रीनिंग में बिखेरा ग्लैमर,सोशल मीडिया पर वायरल हुआ लुक
किसानों की फसल बर्बाद, प्रशासन बेखबर
युवा संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष दक्ष नागर (मथुरापुर) ने बताया कि हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची है। उन्होंने बताया कि नदी में पानी भरने का मुख्य कारण गाजियाबाद स्थित हिंडन पुल के फाटकों का बंद होना और फॉरेस्ट सिटी के पास नदी की सफाई न होना है। इससे नदी का बहाव अवरुद्ध हो गया है और पानी गांवों की ओर मुड़ गया है।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
हर साल दोहराया जा रहा है संकट
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले वर्ष भी ऐसी ही स्थिति बनी थी और किसानों को भारी नुकसान हुआ था। इस बार भी खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। लेकिन इसके बावजूद न तो कोई अधिकारी दौरे पर आया और न ही किसी तरह की आपदा राहत तैयारी दिखाई दी है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
जनहानि का खतरा, लेकिन कोई अलर्ट नहीं
दक्ष नागर ने चेताया कि पिछले दो दिनों से पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। यदि जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो पानी रिहायशी इलाकों में घुस सकता है और जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे, नदी के फाटक खोले जाएं, सफाई कराई जाए और राहत टीमों को तैनात किया जाए।
क्या जागेगा प्रशासन?
ग्रामीणों का सवाल है कि क्या शासन-प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है? अब वक्त है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि जमीनी हकीकत देखें और त्वरित कदम उठाएं।

