गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद: गलगोटिया यूनिवर्सिटी शर्मसार, रोबोट डॉग बनाने का झूठ सामने आया!
Galgotias University Robot Dog Controversy: भारत की एक नामी यूनिवर्सिटी Galgotias University का एक बार फिर सुर्खियों में है। इसकी वजह है इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में पेश किया गया एक रोबोटिक डॉग… जिसका नाम ‘ओरियन’ रखा गया। पहली नजर में ये एक शानदार, फ्यूचरिस्टिक इनोवेशन जैसा लगा लेकिन बवाल तब शुरू हुआ जब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में यूनिवर्सिटी से जुड़े प्रोफेसर इस रोबोट को अपनी टीम का डेवलप्ड प्रोजेक्ट बताते नजर आए।
लेकिन जब इस वीडियो की जांच की गई तो इसकी असलीयत सामने आ गई. कुछ ही घंटों में लोगों ने पहचान लिया कि ये कोई स्वदेशी इनोवेशन नहीं, बल्कि चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का मशहूर रोबोटिक डॉग मॉडल Unitree GO2 है, जिसे ऑनलाइन खरीदा जा सकता है।
Unitree GO2 क्या है?
दरअसल, यूनिट्री रोबोटिक्स दुनिया की अग्रणी रोबोटिक्स कंपनियों में से एक है, जो चार पैरों वाले उन्नत रोबोट बनाती है। ये रोबोट जानवरों की तरह चलते हैं, बाधाओं को पार कर सकते हैं, इंडस्ट्रियल निरीक्षण कर सकते हैं और कई बार मनोरंजन के क्षेत्र में भी उपयोग किए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यूनिट्री के रोबोट कीमत और उपलब्धता के मामले में बोस्टन डायनेमिक्स स्पॉट जैसे हाई-एंड मॉडल्स से अधिक सुलभ हैं। यही वजह है कि जब यह रोबोट ‘ओरियन’ नाम से प्रस्तुत हुआ, तो कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या इसे स्वदेशी इनोवेशन के रूप में पेश किया गया?
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कैसे शुरू हुआ विवाद
यह पूरा मामला दिल्ली के Pragati Maidan में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 से शुरू हुआ। विश्वविद्यालय के स्टॉल पर प्रदर्शित रोबोट को लेकर यह धारणा बनी कि यह संस्थान द्वारा विकसित किया गया है। हालांकि, बढ़ते विवाद के बाद विश्वविद्यालय ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि रोबोट का निर्माण उन्होंने किया है। संस्थान के अनुसार, यह रोबोट केवल छात्रों के सीखने के उद्देश्य से लाया गया था, ताकि वे वैश्विक तकनीक को समझ सकें और रिसर्च के लिए प्रेरित हों।
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विवाद को लेकर सियासत भी गर्म
इस विवाद ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर टिप्पणी करते हुए लिखा, भारत की प्रतिभा और डेटा का लाभ उठाने के बजाय यह समिट एक अव्यवस्थित जनसंपर्क तमाशा बनकर रह गया है, जहां भारतीय डेटा को बिक्री के लिए पेश किया जा रहा है और चीनी उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।’ कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव इस कथित प्रचार का हिस्सा बने।
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इनोवेशन या इम्पोर्ट?
इस विवाद ने एक बड़ा प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या विदेशी तकनीक को सीखने के लिए उपयोग करना गलत है? या उसे जिस तरीके से प्रस्तुत किया गया, वही विवाद की जड़ है? आलोचकों का कहना है कि समिट जैसे बड़े मंच पर इसकी प्रस्तुति ने इसे स्वदेशी नवाचार जैसा दिखाया। यह मामला अब सिर्फ एक रोबोट का नहीं, बल्कि भारत की टेक नैरेटिव का बन गया है
क्या हम वास्तविक इनोवेशन कर रहे हैं? या तैयार तकनीक को नया नाम दे रहे हैं?

