Good Governance Festival Chhattisgarh: Minister Ramvichar Netam interacting with villagers during Good Governance Festival Chhattisgarh grievance redressal camp in Morga, MCB district.
Good Governance Festival Chhattisgarh: Good Governance Festival Chhattisgarh के तहत छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। राज्य सरकार द्वारा जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसी क्रम में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के मोरगा में विशाल जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जहां 13 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे।
इस विशेष शिविर में प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम, स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। Good Governance Festival Chhattisgarh के इस आयोजन में जनता की समस्याओं को सुनने और उनके त्वरित समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
अंतिम चरण में पहुंचा सुशासन तिहार
1 मई से शुरू हुआ सुशासन तिहार अब अपने समापन की ओर बढ़ रहा है। राज्यभर में आयोजित हो रहे शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
एमसीबी जिले के मोरगा में आयोजित शिविर को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतों और मांगों के साथ शिविर स्थल पर पहुंचने लगे। Good Governance Festival Chhattisgarh के तहत आयोजित इस शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
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ग्रामीणों ने उठाए मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रशासन के समक्ष रखा। इनमें राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, वनाधिकार पट्टा, भूमि सीमांकन, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण, शौचालय, राजस्व मामलों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं।
कई ग्रामीणों ने बताया कि उनकी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और उन्हें समाधान की उम्मीद इस शिविर से है। Good Governance Festival Chhattisgarh के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिला, जिससे लोगों में विश्वास का माहौल भी देखने को मिला।

मंत्री रामविचार नेताम ने की शिकायतों की समीक्षा
शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली और जहां आवश्यक था वहां त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग, वनाधिकार पट्टा, राशन कार्ड, सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Good Governance Festival Chhattisgarh के तहत आयोजित इस शिविर में मंत्री ने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं बल्कि उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।
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प्रशासन की कार्यशैली की सराहना
मंत्री रामविचार नेताम ने अभियान के दौरान जिला प्रशासन और अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कलेक्टर और सभी विभागों के अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने के लिए काफी मेहनत की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं किसी प्रकार की कमी रह गई है तो उसे भी जल्द दूर किया जाएगा। मंत्री के अनुसार Good Governance Festival Chhattisgarh का मुख्य उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
खाद की कालाबाजारी पर सख्त रुख
शिविर के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई। मंत्री रामविचार नेताम ने खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी व्यापारी द्वारा अमानक बीज या खाद उपलब्ध कराया जाता है अथवा कालाबाजारी की जाती है, तो उसकी तत्काल शिकायत करें। शिकायत मिलने पर जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। Good Governance Festival Chhattisgarh के दौरान मंत्री का यह संदेश किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि खेती के मौसम में गुणवत्तापूर्ण खाद और बीज की उपलब्धता सबसे बड़ी आवश्यकता होती है।
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जनता और प्रशासन के बीच बढ़ा संवाद
मोरगा में आयोजित शिविर ने यह साबित किया कि जब प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुंचता है, तो समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पहली बार एक ही स्थान पर कई विभागों के अधिकारियों से मिलने और अपनी समस्याएं बताने का अवसर मिला। Good Governance Festival Chhattisgarh के माध्यम से लोगों और प्रशासन के बीच संवाद मजबूत हुआ है। इससे न केवल शिकायतों का समाधान हो रहा है बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रति लोगों की जागरूकता भी बढ़ रही है।
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विकास और जनकल्याण पर केंद्रित पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की बजाय उनके गांव के नजदीक ही समाधान मिलने लगता है। Good Governance Festival Chhattisgarh की यही विशेषता इसे आम जनता के लिए उपयोगी बनाती है। अभियान के जरिए शासन और जनता के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

