Mahagathbandhan: बिहार में क्या खत्म होने वाली है महागठबंधन की कहानी? RJD-कांग्रेस टकराव से राजनीति गरमाई

Mahagathbandhan: बिहार की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। महागठबंधन में राजद और कांग्रेस के बीच खुलकर सामने आई खटास ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद जहां विपक्षी दल समीक्षा बैठकों में व्यस्त हैं, वहीं दोनों पार्टियों के बीच बयानबाजी ने गठबंधन की एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस की समीक्षा बैठक में राजद पर उठाए गए सवाल और उसके बाद राजद अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल की तीखी प्रतिक्रिया ने संकेत दे दिया है कि महागठबंधन अंदरूनी संकट से जूझ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह तकरार सिर्फ राजनैतिक तनाव है या गठबंधन टूट की दिशा में पहला कदम?
Nitish Cabinet Expansion: नीतीश कैबिनेट विस्तार की तैयारी तेज, क्या बदलेगा सत्ता का जातीय गणित?
राजद प्रदेश अध्यक्ष का तीखा हमला
राजद के प्रदेश अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जो भी सीटें और वोट मिले, वह राजद की वजह से ही संभव हुआ। मंडल ने कहा, ‘कांग्रेस अगर अलग राजनीति करना चाहती है, तो कर ले… उन्हें अपनी हैसियत पता चल जाएगी। 2020 में 72 सीटें मांगी थीं, जीत केवल 19 पर मिली और वह भी राजद की बदौलत।’ उनके बयान से साफ है कि राजद खुद को गठबंधन का ‘बड़ा भाई’ मानता है और कांग्रेस से नाराज़गी अब खुलकर सामने आ गई है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
‘ताकत नहीं होती तो राजद साथ क्यों?’
मंडल के बयान ने कांग्रेस को भी भड़का दिया और पार्टी ने कड़ा जवाब दिया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी ने कहा-
‘अगर कांग्रेस की कोई ताकत नहीं, तो राजद गठबंधन में साथ क्यों है?’ वहीं कांग्रेस के दुसरे प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने भी राजद को निशाने पर लेते हुए कहा कि मंगनीलाल मंडल को मीडिया में बयान देने की जगह तेजस्वी यादव से चर्चा करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजद का रवैया ‘अपमानजनक’ है और हार की जिम्मेदारी साझा होनी चाहिए।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
बीजेपी को मिला मौका
महागठबंधन की कलह पर बीजेपी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने कहा, ‘ये लोग चुनाव से पहले भी आपस में लड़ते थे, चुनाव के बाद भी लड़ रहे हैं।’ बीजेपी इसे विपक्ष की कमजोरी के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जबकि राजनीतिक एक्सपर्ट मानते हैं कि यह विवाद NDA के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है।
तेजस्वी यादव की बैठक पर टिकी निगाहें
राजद ने शनिवार को तेजस्वी यादव के आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई है। आधिकारिक एजेंडा तो विधानमंडल की रणनीति बताया गया है, लेकिन जानकारों के अनुसार इसमें गठबंधन के अंदरूनी विवाद पर भी बात होना तय है। मंगनीलाल मंडल का यह बयान कि ‘कोई किसी को बांधकर नहीं रख सकता’ कई बड़े संकेत छोड़ गया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि विवाद बढ़ा तो महागठबंधन में दरार गहरी हो सकती है और आने वाले दिनों में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्या वाकई महागठबंधन टूटने की कगार पर है?
बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और आंतरिक बैठकों की गर्माहट बताती है कि महागठबंधन फिलहाल सबसे कमजोर दौर से गुजर रहा है। आने वाले कुछ दिनों में तेजस्वी और कांग्रेस नेतृत्व के फैसले तय करेंगे कि गठबंधन मजबूती से आगे बढ़ेगा
या बिहार की राजनीति में एक और बड़ा गठबंधन टूट का इतिहास लिखा जाएगा।
Political News: Find Today’s Latest News on Politics, Political Breaking News, राजनीति समाचार, राजनीति की खबरें from India and around the World on News watch india

