Delhi AQI Crisis: दिल्ली में प्रदूषण से बिगड़े हालात, MNC कर्मचारियों ने हिमाचल को बनाया वर्क फ्रॉम होम का ठिकाना

Delhi AQI Crisis: दिल्ली–एनसीआर में लगातार बढ़ते प्रदूषण से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। जहरीली हवा ने न केवल आम नागरिकों को परेशान किया है, बल्कि ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों के लिए भी हालात बेहद मुश्किल हो गए हैं। इसी वजह से कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दे दी है। प्रदूषण से राहत पाने के लिए देशभर के लोग अब पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, बंजार घाटी और लाहौल में इन दिनों बड़ी संख्या में लोग ठहरकर वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं।
दिल्ली की जहरीली हवा ने दी पहाड़ों की राह
दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। कई इलाकों में AQI 400 पार कर ‘गंभीर श्रेणी’ में दर्ज किया गया है। सांस लेना तक मुश्किल हो चुका है। ऐसे हालात में दिल्ली के रहने वाले नितिन भंडारी और उनकी पत्नी ने मनाली का रुख किया। दोनों मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं और दिल्ली की खराब हवा से परेशान थे।
नितिन का कहना है—“दिल्ली में फेफड़े सांस नहीं ले पा रहे थे। कंपनी ने भी वर्क फ्रॉम होम की अनुमति दी, इसलिए लैपटॉप उठाया और मनाली आ गए। यहां की हवा, पानी और माहौल बिल्कुल अलग है—अब खुलकर सांस ले पा रहे हैं।”
नितिन और उनकी पत्नी जैसे कई लोग इस समय मनाली और आसपास के इलाकों में वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं।
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दिल्ली–एनसीआर की कंपनियां भी अलर्ट, बढ़ा वर्क फ्रॉम होम
लगातार बिगड़ते प्रदूषण को देखते हुए कई कंपनियों ने कर्मचारियों को ऑफिस आने के बजाय घर से काम करने की अनुमति दे दी है।
कानपुर के रहने वाले विनोद त्यागी, जो गुड़गांव की एक कंपनी में काम करते हैं, बताते हैं कि दिवाली के बाद कुछ दिनों तक ऑफिस गए, लेकिन वायु प्रदूषण के कारण स्थिति खराब हो गई और कंपनी ने घर से काम करने की सलाह दे दी।
वे बंजार घाटी के बठाहड़ में अपने दोस्तों के साथ होमस्टे में रहकर वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। “दिल्ली में हवा इतनी खराब थी कि काम करना मुश्किल था। यहां की ताज़ी हवा में काम भी आसान लग रहा है और सेहत भी सुधर रही है।”
हिमाचल के होमस्टे बने नई मंज़िल
मनाली, कुल्लू, शिमला और बंजार घाटी में होमस्टे चलाने वालों की मानें तो इस बार प्रदूषण के सीजन में रुकने वालों की संख्या बढ़ गई है।
बंजार घाटी के होमस्टे संचालक परस राम भारती बताते हैं—“इस समय हमारे होमस्टे में कई युवा दिल्ली की कंपनियों में काम करते हैं और यहां महीना भर रुककर वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। इससे पर्यटन कारोबार को भी काफी फायदा हुआ है।” कई होमस्टे लगभग दिसंबर तक फुल बुक हो चुके हैं।
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साफ हवा, साफ आसमान—लोगों को मिल रही राहत
दिल्ली से मनाली पहुंचे दीपक निषाद बताते हैं कि यहां का वातावरण बिलकुल अलग है।
“दिल्ली में प्रदूषण के कारण सूरज भी साफ दिखाई नहीं देता। यहां आसमान नीलापन लिए हुए है। हवा ताज़ी है और चेहरे पर सूरज की गर्मी महसूस होती है।”
लोग न केवल काम कर रहे हैं, बल्कि हिमाचली संस्कृति, व्यंजन और स्थानीय जीवनशैली का भी अनुभव ले रहे हैं।
दिल्ली में बिगड़ा AQI, हिमाचल में हवा साफ
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार—
- दिल्ली का औसत AQI: 384 (‘बहुत खराब’ श्रेणी)
- 19 मॉनिटरिंग स्टेशन: ‘गंभीर’ श्रेणी में
- आनंद विहार: 411
- बवाना: 414
- नरेला: 407
- अशोक विहार: 417

इसके मुकाबले हिमाचल में—
- शिमला: 51
- कुल्लू: 28
- मनाली: 32
- कांगड़ा: 67
यानी पहाड़ों की हवा इस समय बेहद साफ है।
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केरल के ट्रोजन जोसेफ बोले—“यहां का कल्चर और हवा दोनों अनोखे”
केरल से कुल्लू–मनाली घूमने पहुंचे ट्रोजन जोसेफ ने बताया—
“दिल्ली की हवा बेहद जहरीली है। बच्चों और परिवार के स्वास्थ्य को देखते हुए हमने पहाड़ों का रुख किया। यहां का वातावरण एकदम शुद्ध है, संस्कृति अलग है और लोग बेहद मिलनसार।”
कई पर्यटक लाहौल, मनाली और तीर्थन घाटी में रुककर आसपास के पर्यटन स्थलों का मजा भी ले रहे हैं—
- नदी किनारे घूमना
- पैराग्लाइडिंग
- रिवर राफ्टिंग
- ट्रेकिंग
- हिमाचली भोजन का स्वाद
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वर्क फ्रॉम होम + हिल स्टे = पर्यटन को नए पंख
हिमाचल के छोटे-बड़े होमस्टे चलाने वालों का कहना है कि दिल्ली–एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने से पर्यटन को फिर से गति मिली है।
कुल्लू–मनाली में दिसंबर तक होमस्टे की बुकिंग तेज है।
लोग परिवार सहित यहां रह रहे हैं और साफ हवा के बीच ऑफिस के काम भी कर रहे हैं।

