Haryana Revenue Lok Adalat: हरियाणा में जमीन विवादों पर सरकार का बड़ा एक्शन, अब ‘राजस्व लोक अदालत’ में होगा तुरंत निपटारा
Haryana Revenue Lok Adalat: हरियाणा सरकार ने जमीन और राजस्व से जुड़े लंबे समय से लंबित विवादों के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत की तर्ज पर ‘राजस्व लोक अदालतें’ (Haryana Revenue Lok Adalat) आयोजित की जाएं, जहां जमीन विवादों का आपसी सहमति से समयबद्ध समाधान कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि राजस्व मामलों में वर्षों तक चलने वाले विवाद आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। ऐसे में नई व्यवस्था के जरिए लोगों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्कर से राहत मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
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जमीन विवादों के लिए बनेगी नई व्यवस्था
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभाग ‘विकसित भारत-2047’ के तहत पांच वर्षीय रोडमैप तैयार कर रहा है, जिसमें राजस्व सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व लोक अदालतों (Haryana Revenue Lok Adalat) में उपायुक्त, एसडीएम और तहसीलदार जैसे अधिकारी दोनों पक्षों के बीच बातचीत और सहमति के आधार पर विवादों का समाधान करवाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में विशेष अभियान चलाकर लोगों को इस व्यवस्था के बारे में जागरूक किया जाए। सरकार चाहती है कि छोटे-छोटे जमीन विवाद अदालतों में वर्षों तक लंबित रहने की बजाय स्थानीय स्तर पर ही हल हो जाएं। इससे प्रशासनिक बोझ भी कम होगा और आम नागरिकों को जल्दी राहत मिल सकेगी।
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पटवारियों को मिलेगी डिजिटल ताकत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजस्व विभाग में तकनीकी सुधारों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब परंपरागत कार्यशैली से आगे बढ़कर ऑनलाइन और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करना होगा। इसी दिशा में सरकार सभी नव-नियुक्त पटवारियों को लैपटॉप और टैबलेट उपलब्ध करवाने की तैयारी कर रही है। साथ ही गांव स्तर तक हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई जा रही है ताकि राजस्व सेवाएं (Haryana Revenue Lok Adalat) पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दी जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारियों को नई तकनीक और आधुनिक राजस्व प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित करने के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। इससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लोगों को सेवाएं तेजी से मिल सकेंगी।
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डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम होगा लागू
बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं एफसीआर डॉ. सुमित्रा मिश्रा (Dr. Sumita Mishra) ने जानकारी दी कि विभाग जल्द ही डिजिटल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था (Haryana Revenue Lok Adalat) के तहत भूमि विवादों से जुड़े मामलों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन-सा मामला कितने समय से लंबित है और उसका समाधान किस स्तर पर अटका हुआ है। सरकार का लक्ष्य है कि राजस्व विवादों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निपटाया जाए। यदि यह सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू होता है तो राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे भ्रष्टाचार और देरी जैसी समस्याओं पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
अब ई-स्टाम्प और ब्लॉकचेन तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्टाम्प बिक्री व्यवस्था को भी पूरी तरह डिजिटल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में सभी प्रकार के स्टाम्प केवल ई-स्टाम्प के माध्यम से बेचे जाएं। इतना ही नहीं, सरकार अब स्टाम्प बिक्री प्रणाली को ब्लॉकचेन तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी। माना जा रहा है कि इससे फर्जी स्टाम्प और धोखाधड़ी के मामलों (Haryana Revenue Lok Adalat) पर लगाम लगेगी और खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बढ़ेगी।तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार ब्लॉकचेन आधारित रिकॉर्ड सिस्टम में छेड़छाड़ की संभावना बेहद कम होती है, इसलिए यह व्यवस्था संपत्ति लेन-देन को ज्यादा सुरक्षित बना सकती है।
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बाहर रहने वालों को मिलेगी फेसलेस रजिस्ट्री सुविधा
हरियाणा सरकार ने उन लोगों के लिए भी बड़ी राहत की तैयारी की है जो दूसरे राज्यों या विदेशों में रहते हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे लोगों के लिए फेसलेस रजिस्ट्रेशन सुविधा शुरू की जाए। इस व्यवस्था के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश रजिस्ट्री कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकता, तो वह ऑनलाइन माध्यम से अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर सकेगा। इससे प्रवासी भारतीयों और दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
आम लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार की नई पहल को प्रशासनिक सुधारों की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। राजस्व लोक अदालतों (Haryana Revenue Lok Adalat), डिजिटल केस मैनेजमेंट, ई-स्टाम्प और फेसलेस रजिस्ट्रेशन जैसी योजनाएं लागू होने से आम लोगों को पारदर्शी और तेज सेवाएं मिलने की उम्मीद है। यदि इन योजनाओं को सही तरीके से जमीन पर उतारा गया, तो हरियाणा देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है जहां भूमि और राजस्व सेवाएं सबसे अधिक आधुनिक और नागरिक अनुकूल होंगी।

