In Himachal, the Governor honored 32 teachers on Teachers' Day 2025
State Teacher Award: शिक्षक दिवस 2025 के अवसर पर हिमाचल प्रदेश में शिक्षा जगत की उत्कृष्ट सेवाओं को सराहा गया। शुक्रवार, 5 सितंबर को शिमला स्थित ऐतिहासिक पीटरहॉफ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने प्रदेशभर के 32 शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड प्रदान किया। इस सूची में 26 स्कूल शिक्षक और 6 कॉलेज स्तर के अध्यापक शामिल रहे।
राज्यपाल ने बढ़ाया शिक्षकों का मनोबल
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा कि शिक्षक समाज की धुरी हैं। वे न केवल ज्ञान का संचार करते हैं बल्कि समाज को सही दिशा भी देते हैं। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी और कहा कि शिक्षा जगत का यह सम्मान पूरे समाज का गौरव है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार आपदा की परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने स्वयं पुरस्कार ग्रहण करने से इनकार किया। उनका कहना था कि ऐसे समय में जब प्रदेश कठिनाई से गुजर रहा है, वह केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने के लिए मंच पर उपस्थित हुए।
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सम्मानित होने वाले शिक्षक
समारोह में प्रदेशभर से चुने गए 32 शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड दिया गया। इनमें सामान्य श्रेणी के तहत कांगड़ा के अजय सिंह गढ़जमुला और अनीता चौधरी, शिमला के देवेंद्र सिंह चौहान व सीमा देवी, मंडी के उमेश कुमार और गुरुदास राम झुंगी को यह सम्मान मिला।
ट्राइबल क्षेत्रों से भी कई शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया, जिनमें लाहौल-स्पीति के गिरधारी लाल, बिलासपुर के अजय कुमार, सिरमौर की रितु गोयल, किन्नौर के योग राज, चंबा की जीवन बाला और सिरमौर के विवेक भारद्वाज शामिल हैं।
विशेष पुरस्कार की श्रेणी
राज्य सरकार ने इस बार कुछ शिक्षकों को विशेष पुरस्कार से भी नवाजा। इनमें शिमला की डॉ. मंजुला शर्मा, सोलन की दीपिका जंदेक, सिरमौर के शिशुपाल, किन्नौर के कुलदीप नेगी, कांगड़ा के कैलाश शर्मा और माया राम सराहां को सम्मानित किया गया। इन शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समर्पण के लिए विशेष रूप से चुना गया।
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कॉलेज स्तर पर पहली बार सम्मान
इस वर्ष का समारोह इसलिए भी खास रहा क्योंकि राज्य सरकार ने पहली बार कॉलेज स्तर पर भी शिक्षकों को स्टेट टीचर अवॉर्ड देने का फैसला लिया। हमीरपुर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रमोद कुमार पटियाल को प्रिंसिपल श्रेणी में यह पुरस्कार मिला। वहीं, बिलासपुर कॉलेज के डॉ. अरुण कुमार, नाहन कॉलेज के डॉ. जगदीश चंद, संजौली कॉलेज की डॉ. कीर्ति सिंघा, धर्मशाला कॉलेज के डॉ. नरेश कुमार शर्मा और ठियोग कॉलेज के डॉ. विकास नाथन को प्रोफेसर श्रेणी में यह सम्मान दिया गया।
तकनीकी शिक्षा से जुड़े शिक्षक भी सम्मानित
हिमाचल में पहली बार तकनीकी शिक्षा से जुड़े शिक्षकों को भी यह सम्मान मिला। इंजीनियरिंग कॉलेज सुंदरनगर के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार, हमीरपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज के आईटी विभागाध्यक्ष पंकज ठाकुर, मंडी आईटीआई के प्रशिक्षक जगमोहन व महेंद्र पाल, सुंदरनगर इंजीनियरिंग कॉलेज के अनुज गुप्ता और अन्य तकनीकी अध्यापक इस सूची में शामिल रहे।
राष्ट्रीय स्तर पर भी हिमाचल को सम्मान
समारोह में राज्य स्तरीय सम्मान के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत सुनील कुमार का भी विशेष उल्लेख हुआ। सुनील कुमार को पिछले वर्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया था। उन्हें इस बार भी राज्य स्तरीय मंच पर सम्मान दिया गया। वहीं, सोलन जिले के शशिपाल को दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्वारा सीधे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा गया।
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शिक्षा विभाग की स्थिति
समारोह के दौरान शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 17,330 स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें 14.25 लाख से अधिक छात्र और करीब 1.02 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का यह सम्मान उनके प्रयासों और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान का प्रतीक है।
शिक्षा और आपदा की चुनौती
राज्यपाल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियां शिक्षा के महत्व को और भी अधिक बढ़ा देती हैं। शिक्षक न केवल बच्चों को पढ़ाते हैं बल्कि कठिन हालात में उन्हें मानसिक और भावनात्मक संबल भी प्रदान करते हैं। ऐसे में समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि शिक्षकों को उचित सम्मान और सहयोग दिया जाए।

