Initiative to strengthen women's economy in Uttarakhand, trend towards entrepreneurship increased
UTTARAKHAND WOMEN EMPOWERMENT: उत्तराखंड में महिलाओं को सशक्त बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर करने के प्रयास तेज हो गए हैं। राज्य सरकार महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें उद्यमिता के लिए प्रेरित करने पर जोर दे रही है। इसके तहत कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। साथ ही, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के निर्देश पर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय “एक विश्वविद्यालय, एक शोध” योजना के तहत रिसर्च कर रहे हैं।
दून यूनिवर्सिटी का खास शोध
इस पहल के तहत दून यूनिवर्सिटी ने “इंप्रूविंग लाइफ्स एंड लाइवलीहुड ऑफ उत्तराखंड वूमेन” विषय पर अपना शोध कार्य शुरू किया है। विश्वविद्यालय ने पिछले एक साल में प्राइमरी और सेकेंडरी डाटा का अध्ययन किया है। सेकेंडरी डाटा में भारत और उत्तराखंड सरकार के आंकड़े, आर्थिक स्थिति और सरकारी योजनाओं की जानकारी शामिल है। इसके साथ ही पिथौरागढ़, चमोली, अल्मोड़ा, पौड़ी, उधमसिंह नगर और देहरादून जैसे जिलों के 992 घरों का सर्वे किया गया है।
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इस शोध का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि यदि महिलाएं पलायन करके मैदानी क्षेत्रों में आती हैं, तो उनकी आजीविका और जीवनस्तर में क्या बदलाव होता है। रिसर्च में यह भी देखा गया है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के लिए चलाई जा रही 45 योजनाओं का कितना प्रभाव है और क्या इनमें सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता है।

महिलाओं की प्राथमिकताएं और उद्यमिता का बढ़ता आकर्षण
रिसर्च के प्रारंभिक नतीजों में यह सामने आया है कि उत्तराखंड की युवतियां सरकारी नौकरी को अपनी पहली प्राथमिकता मानती हैं। हालांकि, उनकी दूसरी पसंद उद्यमिता बनती जा रही है। वे अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू कर न केवल आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देना चाहती हैं। महिलाएं अपने क्षेत्र में रोजगार देने वाली नेतृत्वकर्ता बनने की इच्छा रखती हैं।
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महिलाओं को योजनाओं का लाभ
सर्वे में यह पाया गया है कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का सीधा लाभ महिलाओं को मिल रहा है। हालांकि, शोधकर्ताओं ने यह सुझाव दिया है कि योजनाओं को महिलाओं की जरूरतों के अनुसार और बेहतर तरीके से ढालने की आवश्यकता है। इसके अलावा, सरकार को बजटीय प्रावधान करते समय इन शोध के परिणामों पर विचार करना चाहिए, ताकि योजनाएं अधिक प्रभावी हो सकें।
शोध के आगामी परिणाम और उनके महत्व
यह शोध अभी जारी है, और अगले दो-तीन महीनों में इसके अंतिम नतीजे सामने आने की उम्मीद है। इन नतीजों को सरकार के साथ साझा किया जाएगा, ताकि योजनाओं में जरूरी बदलाव और बजटीय प्रावधान किए जा सकें। यह रिसर्च महिलाओं के पलायन, रोजगार, और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर गहराई से अध्ययन कर रहा है।

