ज़रा हट केन्यूज़

Gyan Ganj Pith: ‘यहां आइए और अमर हो जाइये’! जानिए भारत में कहां स्थित है ये रहस्यमयी स्थान?

नई दिल्ली: भारत में बहुत सी ऐसी जगह जिसके बारे में लोगों को नही पता है। ऐसी ही एक जगह ज्ञानगंज पीठ (Gyan Ganj Pith) है। जीवन का एक सच है, जो जीवित है वह किसी न किसी दिन अवश्य मरेगा। पर आज हम आपको जिस जगह के बारे में बतानें जा रहें हैं, वहां रहने वाले लोग कभी नहीं मरते हैं।

ऐसे कई हिमालय के तलहटी में राज़ दफन हैं और उन्हीं राज़ों में से एक अमर होने का राज़ है। जी हां, ऐसे तो अमर होना कौन नहीं चाहता है। आप भी ये चाहते ही होंगे तो आईये आज हम आपको ले चलते हैं एक ऐसी जगह पर जहां जा कर लोग अमर हो जाते हैं।

हिमालय में छुपा है अमर होने का राज

ये जगह हिमालय में स्थित है और इसका नाम “ज्ञानगंज पीठ (Gyan Ganj Pith) है। हिमालय में संग्रीला घाटी के आसपास के क्षेत्र में स्थित होने की वजह से लोग इसे “सिद्धाश्रम” के नाम से भी जानते हैं। इस जगह की खासियत ये है कि यहां पर समय का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। जिससे यहां रहने वाले लोगों की आयु बढ़ना रुक जाती है और वो लोग मौत से बच कर अमर हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें: Kumbhalghar Fort: China के बाद यहां पाई जाती है दुनिया की दूसरी लंबी दीवार? जानिए क्या है पीछे की दिलचस्प कहानी?

कहा तो ये भी जाता है की यहां से लोगों के भाग्य का फैसला होता है। न केवल भारत बल्की ये जगह तिब्बत में भी प्रसीद्ध है। मान्यता ये भी है की ये जगह तिब्बत के वेस्टर्न रीजन से 16 किमी दूर स्थित है।

वाल्मीकि की रामायण और महाभारत के साथ-साथ फेमस लेखक जेम्स हिल्टन की किताब ‘lost horizon about the lost kingdom of shangri-la’ में भी इस जगह का नाम का ज़िक्र है।साथ ही ऐसा माना जाता है की इसका नवनीकरण “स्वामी ज्ञानानंद परमहंस” ने 1225 A.D में कराया था।

आम लोग नही पहुंच सकते इस जगह

इस जगह के बारे में ये भी कहा जाता है कि इस स्थान को आम लोग नहीं देख सकते हैं। बल्कि इसको सिर्फ वही लोग देख सकते हैं जो लोग आध्यात्म के क्षेत्र में एक महान ऊंचाई पा चुके हैं। इस सिद्ध पीठ में सामान्य लोग भी नही रहते हैं। कहा जाता है की सैकड़ों वर्षों पुराने योगी यहां साधना और उपासना में लगे रहते हैं। यहा तक की इस जगह को मॉर्डन साइंस भी नहीं देख सकती है। यह स्थान सेटेलाइट पर भी नजर नहीं आता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button