Karni Sena UP Election 2027: Surajpal Singh Ammu speaking from the stage during a Karni Sena political event in UP.
Karni Sena UP Election 2027: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर नई हलचल देखने को मिली है। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह ‘अम्मू’ ने शाहजहांपुर में आयोजित एक बड़े सम्मेलन के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि करणी सेना उत्तर प्रदेश की लगभग 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और संगठन को तेजी से मजबूत किया जा रहा है।
रविवार को शाहजहांपुर में आयोजित करणी सेना के सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए सूरजपाल सिंह ‘अम्मू’ ने साफ कहा कि उनका संगठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सम्मान करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि करणी सेना (Karni Sena UP Election 2027) किसी राजनीतिक दल की गुलाम है।
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उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर संगठन और समाज को अपनी राजनीतिक भागीदारी का अधिकार है। यदि अन्य छोटे दल और क्षेत्रीय संगठन चुनाव लड़ सकते हैं तो करणी सेना (Karni Sena UP Election 2027) भी चुनाव मैदान में उतरने का पूरा अधिकार रखती है।
भाजपा को 37 साल दिए, अब अपनी ताकत दिखाएंगे
सूरजपाल सिंह (Karni Sena UP Election 2027) ने अपने संबोधन में कहा कि करणी सेना और उससे जुड़े लोगों ने वर्षों तक भाजपा का समर्थन किया है। उन्होंने दावा किया कि संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने करीब 37 वर्षों तक भाजपा के लिए काम किया है। ऐसे में पार्टी को उन लोगों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए जिन्होंने उसे मजबूत बनाने में योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने पुराने समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। यदि उनकी बात नहीं सुनी जाती है तो वे अपने राजनीतिक विकल्प तलाशने के लिए स्वतंत्र हैं।
50 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
करणी सेना प्रमुख (Karni Sena UP Election 2027) ने कहा कि संगठन उत्तर प्रदेश की करीब 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति तैयार कर रहा है। इसके लिए विभिन्न जिलों में संगठन को मजबूत किया जा रहा है और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने का फैसला केवल सत्ता हासिल करने के लिए नहीं बल्कि समाज की आवाज को विधानसभा तक पहुंचाने के लिए लिया जा रहा है। आने वाले समय में उम्मीदवारों और सीटों को लेकर भी संगठन की ओर से विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
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राजभर और छोटे दलों का लिया नाम
अपने भाषण के दौरान सूरजपाल सिंह (Karni Sena UP Election 2027) ने भाजपा के सहयोगी दलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब विभिन्न छोटे दलों और क्षेत्रीय नेताओं को राजनीतिक महत्व दिया जा सकता है तो करणी सेना को राजनीति में आने से क्यों रोका जाए।
उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन उनके संगठन को मिल रहा है। उनके अनुसार व्यापारी, ब्राह्मण, क्षत्रिय सहित कई अन्य समुदायों के लोग करणी सेना के साथ जुड़े हुए हैं। इसी आधार पर संगठन राजनीतिक रूप से भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। (Karni Sena UP Election 2027)
संगठन विस्तार पर विशेष जोर
सम्मेलन में करणी सेना (Karni Sena UP Election 2027) के पदाधिकारियों ने भी संगठन विस्तार को लेकर चर्चा की। बताया गया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नए सदस्यों को जोड़ा जा रहा है और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं से कहा गया कि वे गांव, कस्बों और शहरों में लोगों से संपर्क बढ़ाएं और संगठन की विचारधारा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में करणी सेना प्रदेशभर में कई बड़े कार्यक्रम आयोजित कर सकती है।
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सीएम योगी और डीजीपी से की अपील
सूरजपाल सिंह ‘अम्मू’ ने अपने संबोधन (Karni Sena UP Election 2027) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करणी सेना कानून का सम्मान करने वाला संगठन है और उसके कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष व्यवहार की अपेक्षा जताते हुए कहा कि संगठन के लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं और उन्हें भी अन्य संगठनों की तरह सम्मान मिलना चाहिए।
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राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
करणी सेना प्रमुख (Karni Sena UP Election 2027) के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि करणी सेना वास्तव में बड़ी संख्या में सीटों पर उम्मीदवार उतारती है तो इसका असर कुछ क्षेत्रों के चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है।
हालांकि अभी विधानसभा चुनाव में समय है और यह देखना दिलचस्प होगा कि संगठन अपनी चुनावी तैयारियों को किस स्तर तक ले जाता है। फिलहाल शाहजहांपुर से दिया गया यह संदेश साफ संकेत देता है कि करणी सेना अब केवल सामाजिक संगठन की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि राजनीति में भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में संगठन की रणनीति, उम्मीदवारों की घोषणा और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

