Mafia rule will end in UP, after drug mafia in Meerut, police tightens noose on meat trader
लखनऊ: यूपी में योगी सरकार के दोबारा सत्ता में आने से मानो माफियाओं की साढ़े साती शुरू हो गई हो। पुलिस एक-एक करके सारे माफियाओं पर शिकंजा कसती जा रही है। ताजा मामला मेरठ का है। जहां ड्रग और मीट के दो बड़े माफिय़ाओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है। पहला मामला ड्रग्स माफिया तस्लीम का है, ड्रग्स माफिया तस्लीम ने चरस और ड्रग्स बेचकर लिसाड़ी गेट की शानदार कॉलोनी में आलीशान घर बनाया था। जिसको प्रशासन ने कुर्क कर लिया। जिस पर पुलिस ने तस्लीम पर गैंगस्टर 14-ए के तहत कार्रवाई करने के लिए पहले मुकदमा दर्ज किया था।
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दुसरा मामला है बसपा के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की। याकूब कुरैशी की फैक्ट्री 2019 से ही सील थी। लेकिन उसके बावजूद भी अवैध गतिविधियों में लिप्त याकुब कुरैशी की फैक्ट्री में 25 टन अवैध मीट प्रशासन की छापेमारी में बरामद हुआ था। यह मीट बाहर भेजने की तैयारी थी और इसकी पैकिंग कराई जा रही थी। पुलिस ने याकूब पर शिकंजा कसा और मीट को टेस्टिंग के लिए लैब में भिजवा दिया। जहां पर उसके नमूने फेल हो गए। लैब से रिपोर्ट में पता चला कि मीट खाने लायक नहीं था। उसको भी पुलिस ने आधार मानते हुए कार्यवाही को और तेज कर दिया है। पुलिस ने याकूब कुरैशी से जब फैक्ट्री में हो रहे अवैध कटान के लिए कागजात मांगे तो याकूब कुरैशी कुछ भी नहीं दिखा पाए। जिसके बाद पुलिस ने याकूब कुरैशी सहित उसके बेटे इमरान याकूब कुरैशी और फिरोज याकूब कुरैशी और उनकी बेगम शाइस्ता को भी आरोपी बना दिया। सभी के वारंट जारी कर दिए गए, तभी से याकूब अपने परिवार के साथ फरार चल रहा है। याकूब कुरैशी के परिवार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही है। लेकिन फिर भी अभी तक याकूब कुरैशी पुलिस की पकड़ से दूर बना हुआ है ।

